पिटाई में गीता घायल हो गई। तब तक शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाले रविंद्र मौके पर पहुंच गए और उन्होंने वृद्धा को नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। बस स्टैंड चौकी पुलिस को मामले की जानकारी दी गई है और पुलिस जांच में जुटी है।
भाई को बचाने अपहरणकर्ता से चिपट गया युग
अपने सात वर्षीय भाई वंश को बचाने के लिए नौ साल का युग अपहरणकर्ता से चिपट गया। आरोपी ने युग को भी थप्पड़ भी लगाए और फिर धक्का मारकर दूर गिरा दिया। वह अपने भाई को नहीं छुड़ा पाया।
मैं अपने जिगर के टुकड़े को कैसे ले जाने देती : गीता
वंश और युग खेल रहे थे। एक युवक आया और वंश को उठा लिया। युग अपने छोटे भाई वंश को बचाने के लिए युवक से चिपट गया। इस पर युवक ने धक्का मारकर युग को गिरा दिया। यह सब देखकर मैं भागकर वहां गई और युवक को पकड़ लिया। वह युवक मुझे मारने लगा, लेकिन मैंने वंश को भी जोर से पकड़े रखा और शोर मचा दिया।
इसके बाद युवक घबरा गया और उसने वंश को छोड़कर स्वयं को छुड़ाने के लिए मेरे ऊपर ताबड़तोड़ थप्पड़-मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। आरोपी स्वयं को छुड़वाकर फरार हो गया। तब तक शोर सुनकर पड़ोसी भी पहुंच गए थे। वृद्धा का कहना है कि मैं अपने जिगर के टुकड़े को कैसे ले जाने देती। जैसा कि 60 वर्षीय गीता ने बताया।
हमारी किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं है और न ही किसी के साथ कोई झगड़ा हुआ है। समझ में नहीं आ रहा कि मेरे बेटे को उठाने का प्रयास आखिर क्यों किया गया। शुक्र है कि मेरी मां ने उसे बचा लिया। - राजेश, वंश के पिता
फिलहाल गीता ने बयान नहीं दिया है। बयान दर्ज होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - चांदीराम, इंचार्ज, बस स्टैंड चौकी इंचार्ज