देश में एक जुलाई से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) कानून लागू हो गया है। इसका असर शनिवार को पंचकूला में देखने को मिला। पंचकूला के करीब 60 फीसदी दुकान संचालक अभी जीएसटी के अनुकूल बिलिंग को तैयार नहीं है। इसके अलावा जिन वस्तुओं पर 28 फीसदी जीएसटी लागू हुआ है, वहां शनिवार को बिक्री का ठप रही। जिन खाद्य पदार्थों पर जीएसटी की दर कम हुई है, उसे पुराने रेट पर यानी अधिक दाम पर ही बेचा जा रहा है। दुकानदारों की मानें तो जीएसटी उनके लिए नया है। अभी इसके अनुकूल ढलने में दो से चार दिन का समय और लग सकता है।
अभी पुराने रेट पर ही सामान बेच रहे हैं। क्योंकि पुराने बिल पर जो टैक्स हमने दिया है, वह रिफंड नहीं होगा। पिछले एक सप्ताह से जीएसटी के मद्देनजर नया स्टॉक नहीं मंगा रहे हैं। -संजीव, संचालक करतार डेरी पंचकूला।
जिस रेट पर कंपनी ने एमआरपी फिक्स की थी। उसी रेट पर बिल के साथ ग्राहकों को सामान दे रहे हैं। जहां रोजाना ढाई से तीन हजार की सेल होती थी। शनिवार को सिर्फ 1500 रुपये की ही हुई है।
-परविंदर, दुकान संचालक ऑटो स्पेयर पार्ट पंचकूला।
जिन पर जीएसटी बढ़ा उस पर ग्राहक नहीं दिखा रहे रुचि
Panchkula Shops
- फोटो : अमर उजाला
पेंसिल, शार्पनर अभी पुराने रेट पर बेच रहे हैं। क्योंकि जो सामान खरीदकर लाए हैं, उसे वापस कैसे करें। अब मैन्यूफैक्चरिंग के नए सामान पर यह नियम लागू होगा।
-मंजीत, दुकान संचालक, जनरल स्टेशनरी पंचकूला।
रोजाना करीब 50 से 1 लाख रुपये तक की सेल हो जाती था। लेकिन शनिवार को एक रुपये की सेल नहीं हुई। जीएसटी के तहत बिल्डिंग प्रक्रिया में एक से दो दिन का समय लग जाएगा। -राकेश गर्ग, उद्यमी श्रीराम ग्लास एंड प्लाइवुड, पंचकूला।
शनिवार को मोबाइल की सेल बंद कर दी गई। क्योंकि अभी कंपनी की तरफ से जीएसटी का नया रेट जारी नहीं किया गया है।
-देवेंदर शर्मा, ऑनर मोबाइल शोरूम पंचकूला।