फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का सरकार को 60 दिन का अल्टीमेटम

Mon, 05 Jan 2015 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
विज्ञापन
विज्ञापन
धनाना गांव के ऐतिहासिक बंगले से रविवार को नए किसान आंदोलन का शंखनाद हुआ। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने और लावारिस पशुओं को सहारा देने की मांग को लेकर खाप पंचायतों और किसान संगठनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार को खुली चुनौती दी।
विज्ञापन


स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट व भूमि अधिग्रहण बिल-2013 को अक्षरश: लागू करने के लिए 4 मार्च तक की मोहलत दी गई। इस बीच किसान संगठन जनजागरण करेंगे। पांच मार्च को कुरुक्षेत्र के पिपली में बड़ी पंचायत कर अनिश्चितकालीन आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।

सर्व जाति जाटू खाप चौरासी के बैनर तले हुई महापंचायत में 50 से अधिक खापों के प्रतिनिधि और किसान, मजदूर संगठनों ने सात प्रस्तावों को मंजूरी दी। यह भी निर्णय लिया कि इस आंदोलन का किसी तरह से राजनीतिकरण नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई प्रतिनिधि या पदाधिकारी राजनीतिक दलों के लालच में आकर आंदोलन की गति को रोकने की कोशिश करेगा तो सभी संगठन उसका बायकॉट कर देंगे।
विज्ञापन


महापंचायत में शामिल प्रतिनिधियों ने एक स्वर में केन्द्र व प्रदेश सरकार के रुख पर नाराजगी जाहिर की। स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पंचायतियों ने एक स्वर में कहा कि किसान हितों के लिए हर संघर्ष को झेलेंगे।

सरकार बातचीत से मान ले तो ठीक वरना आरपार की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। महापंचायत की अध्यक्षता सर्व जाति जाटू खाप चौरासी के प्रधान सूबेदार राजमल व संचालन दिवान सिंह जाखड़ ने किया। 
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें