पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतसर किडनी कांड के आरोपियों पांच डॉक्टरों और एक अन्य को दोषी करार देकर सुनाई गई 5 साल की सजा के आदेश को खारिज कर दिया है। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में इन छह को दोषी करार देते हुए नवंबर 2013 में 5-5 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी।
जस्टिस फतेहदीप सिंह ने यह आदेश इस मामले में दोषी करार दिए गए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल ओपी महाजन, डॉक्टर जगदीश गार्गी, डॉक्टर एसपीएस ग्रोवर, डॉक्टर एचएस भुटानी, अरजिंदर सिंह और सुरेश कुमार की सजा के खिलाफ अपील को स्वीकार करते हुए जारी किए हैं। 17 वर्षीय युवक ने अमृतसर में 8 अक्तूबर को शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा था कि बलजीत सिंह विक्की ने उसे सुरेश कुमार नामक एक अन्य व्यक्ति के लिए अपनी किडनी 40 हजार रुपये में बेचने को कहा था।
बाद में उसे धमकी देते हुए कहा गया था कि अगर वह किडनी नहीं देगा तो उसे जान से मार दिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने इस डर से अपनी किडनी दे दी थी। आरोपी डॉक्टरों पर उसकी किडनी निकालने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि उसे जब अमृतसर के किडनी कांड की जानकारी मिली तो उसके बाद ही वह इस मामले में शिकायत करने की हिम्मत कर पाया।
इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दे सजा सुना दी थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई जिसे हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 में एडमिट करते हुए इन्हे जमानत दे दी थी। अब हाईकोर्ट ने इनकी अपील को स्वीकार करते हुए इन सभी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा इन्हें दोषी करार दिए जाने के आदेशों को रद्द कर दिया है।