पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड ने दोनों कक्षाओं के लिए स्कूलों में ही उनका सेंटर बनाने का फैसला किया है। राइट टु एजूकेशन एक्ट 2009 में लागू हुआ था। तब से आठवीं तक की बोर्ड परीक्षाएं नहीं हुईं। दस साल बाद बोर्ड फरवरी 2020 ये परीक्षाएं लेने जा रहा है। इसके लिए सभी सरकारी, एडेड, एफिलिएटेड और एसोसिएट स्कूलों से सेंटर के लिए आवेदन मांगे गए हैं। 25 अक्तूबर तक आवेदन करने पर सरकारी और एडेड स्कूलों से कोई फीस नहीं ली जाएगी।
वहीं एसोसिएट स्कूलों को 7500 रुपये देने होंगे। 26 अक्तूबर से पांच नवंबर तक सभी स्कूलों से 2500 रुपये फीस ली जाएगी। छह से 15 नवंबर तक 5000 रुपये लेट फीस ली जाएगी। आवेदन के साथ स्कूल का नक्शा देना होगा, सेंटर की निशानदेही करनी होगी। हर कमरे का माप और खिड़की-दरवाजे दर्शाने होंगे। खिड़कियों में ग्रिल और जालियां होना जरूरी है। स्कूल में चारदीवारी, कमरों में ट्यूबलाइट, पंखे, बिजली और स्कूल में शौचालय होने चाहिए। परीक्षार्थियों की संख्या के अनुसार सिंगल बैंच होने चाहिए।
परीक्षा के दौरान स्कूल के क्लर्क को बतौर सहायक सुपरिटेंडेंट देना होगा। जरूरत पड़ने पर और स्टाफ भी देना पड़ेगा। सेंटर के लिए स्कूल में कम से कम बीस बच्चे होने जरूरी हैं। एक स्कूल में आसपास के तीन किलोमीटर के दायरे में पांच स्कूलों के 100 बच्चों का सेंटर बन सकता है। ग्रामीण स्कूलों में सौ और शहरी स्कूलों में 150 बच्चों के बिठाने का प्रबंध होना चाहिए। परीक्षाओं के दौरान स्कूल कमरे में दीवार घड़ी, अलमारी, प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं रखने को लोहे का ट्रंक मुहैया करवाएगा। परीक्षा केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर बनाने को तरजीह दी जाएगी।