सुल्तानपुर लोधी में आने वाली महिला श्रद्धालुओं में महावारी के प्रति जागरूकता व शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से डिपार्टमेंट ऑफ वाटर सप्लाई एंड सेनीटेशन ने एक खास मुहिम चलाई गई, जिसके तहत सुल्तानपुर लोधी में सभी प्रमुख स्थानों पर सेनेटरी पैड्स वेंडिंग मशीनें लगाई हुई हैं। सभी प्रमुख स्थानों पर कुल 60 मशीनें लगाई गई।
15 हजार से ज्यादा महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन वितरित किए गए। इस्तेमाल पैड्स को एकत्रित करने के लिए दो वैन खास तौर पर तैनात की गई हैं, जो इन पैड्स को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने के लिए निर्धारित जगह पर ले जाती हैं।
2500 सफाई कर्मचारी रहे तैनात
पवित्र नगरी में 73 लंगर चल रहे हैं और सभी लंगरों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्थानीय निकाय विभाग पर थी। बाकायदा चार सदस्यों की एक समिति जिसमें स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा, प्रमुख सचिव ए वेनू प्रसाद, सीईओ पीऐमआईडीसी अजोए शर्मा और डायरेक्टर स्थानीय निकाय करनेश शर्मा शामिल हैं।
इस सफाई योजना को लागू करवाने वाले रीजनल डिप्टी डायरेक्टर बरजिंदर सिंह ने बताया कि शहर में लगभग 2500 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जो तीन शिफ्टों में 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन समारोहों में लाखों श्रद्धालुओं की आमद के मद्देनजर सफाई प्रबंधों की निगरानी कोई आसान काम नहीं था, इसलिए संबंधित अफसर ई-साइकिलों पर राउंड लगाकर जायजा ले रहे हैं।
सुरक्षा व कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी के लिए शहर में लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरे, पैन टिल्ट जूम कैमरे (पीटीजी) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रेकोगनिशन (एएनपीआर) लगाए गए , जो कि हर नुक्कड़, प्रमुख स्थल की दिन-रात निगरानी कर रहे हैं। इन कैमरों का संचालन इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से किया जा रहा है।
सुल्तानपुर लोधी में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पावरकॉम ने केबल नेटवर्क का जाल बिछा दिया था। शहर में एक्सक्लूसिव 66केवी सब स्टेशन और गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के लिए 11केवी बिजली फीडर स्थापित किया गया था। साथ ही अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क शहर में बिछाई गई है।
इस परियोजना पर 12 करोड़ रुपये खर्च हुए। नए सब स्टेशन की बिल्डिंग को एक खास लुक दी गई थी, साथ ही दफ्तरी इमारत को नया लुक दिया गया, जिस पर 50 लाख रुपये का खर्च आया। पावरकॉम की तरफ से 6 मेगावॉट लोड की सप्लाई के लिए 200 केवीए क्षमता के 24 और 100 केवीएम क्षमता के सौ नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए।
संगत के लिए सबसे अच्छी ट्रैफिक व्यवस्था रही। सिटी के बाहर13 पार्किंग स्थल तैयार किए गए थे। संगत के लिए 1300 बसें इंतजार करती थी। पंजाब सरकार की तरफ से फ्री बस सेवा थी, जो संगत को गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के निकट छोड़कर आती थी और वहां से वापस पार्किंग तक लेकर आती रही। इसी कारण किसी स्थान पर जाम नहीं लगा।