हरियाणा सरकार 550 इलेक्ट्रिक एसी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत चलाएगी। सवा करोड़ रुपये की एक बस खरीदने में परिवहन विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। विभाग ने निजी कंपनियों के साथ करार कर बसें चलाने का निर्णय लिया है। जल्द ही करार के लिए निविदा प्रक्रिया जरूरी की जाएगी। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने यह बात स्वीकारी है।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर जल्द जारी किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को इस बारे में निर्देश दे दिए गए हैं। एक इलेक्ट्रिक बस 1.25 करोड़ रुपये में आएगी, इसलिए 550 बसों की खरीद परिवहन विभाग अपने स्तर पर नहीं कर सकता। टेंडर में बस खरीद, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने, प्रति किलोमीटर किराया और प्रतिपूर्ति राशि देने इत्यादि के नियम और शर्तें साफ हो जाएंगे।
मूल चंद के अनुसार अधिकांश इलेक्ट्रिक बसें एनसीआर के पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में चलाई जाएंगी। अन्य बड़े शहरों में भी शुरूआत में कुछ बसें चलाएंगे। एनसीआर में इन बसों को चलाने का मकसद प्रदूषण को कम करना है। केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी समय-समय पर प्रदूषण को कम करने के लिए निर्देश जारी करते आ रहे हैं।
सर्दियों के दौरान एनसीआर में प्रदूषण चरम स्तर पर होता है और स्मॉग के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने केंद्र की योजना के तहत 550 इलेक्ट्रिक एसी बसें पहले चरण में चलाने का निर्णय लिया है। निविदा प्रक्रिया शुरू होने के बाद साफ हो जाएगा कि कितनी कंपनियां इन बसों को चलाने के लिए आगे आती हैं।
प्रदेश में साधारण बसों को भी किलोमीटर योजना के तहत चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग इन्हें 26 रुपये प्रति किलोमीटर व अन्य रेट के हिसाब से अदायगी करता है। इन बसों में चालक बस मालिक और परिचालक विभाग का रहता है। सरकार चाहती है कि जल्दी से जल्दी इन एसी इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारा जाए। बसें चलाने वाली कंपनियों से ही चार्जिंग स्टेशन स्थापित करवाए जाएंगे।