हरियाणा सरकार खेतों में भरे पानी की निकासी व उसके दोबारा उपयोग के लिए 221 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके लिए योजनाएं तैयार कर ली गई हैं। बाढ़ और सूखा राहत बोर्ड की 320 योजनाओं के लिए 494 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सोमवार को यहां हुई हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की 53वीं बैठक में ये निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस वर्ष 1 लाख एकड़ भूमि से जल भराव की समस्या खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए प्रभावित किसानों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। किसानों को खर्च की केवल 20 प्रतिशत राशि देनी होगी, शेष 80 प्रतिशत राशि सरकार वहन करेगी। भविष्य में पूरे प्रदेश की जमीन को जल भराव से मुक्त करेंगे। तालाबों के लगातार पानी से भरे रहने के कारण पानी की रिचार्जिंग कम हो जाती है। ऐसे में तालाबों को साल में एक बार पूरी तरह खाली करवाकर खुदाई करवाई जाएगी। इसके लिए पंचायत विभाग बड़ी योजना तैयार कर रहा है। इसके तहत तालाबों को एक बार खाली करने और उनकी मिट्टी निकालने का कार्य किया जाएगा। तालाब साफ होंगे तो पानी की रिचार्जिंग होगी और वर्षा होने पर गांवों में जल भराव की समस्या से निजात मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के पानी के पुन: उपयोग के लिए 80 योजनाओं पर करीब 144 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ-साथ आबादी प्रोटेक्शन श्रेणी की 46 योजनाओं पर 58.92 करोड़, प्रोटेक्शन आफ एग्रीकल्चर लैंड श्रेणी में 66 योजनाओं पर 79.21 करोड़, डिवाटरिंग मशीनरी श्रेणी में 45 योजनाओं पर 32.36 करोड़ रुपये, रिक्लेमेशन आफ लैंड श्रेणी की 20 योजनाओं के लिए 32.77 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अटल भूजल योजना के तहत 26 योजनाओं पर 77.05 करोड़ तथा रिकंस्ट्रक्शन, रिनोवेशन आफ स्ट्रक्चर की 37 योजनाओं पर 69.55 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लिए बड़ी प्रसन्नता की बात है कि 5 वर्ष के बाद हरियाणा की झांकी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होगी। सबसे विशेष बात ये है कि इस झांकी का थीम हरियाणा के खेलों पर आधारित है। ओलंपिक व पैरालंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों का बेहतर प्रदर्शन रहा है। हरियाणा खेलों का हब है, इस झांकी में यह छाप देखने को मिलेगी।
- Manohar Lal (@manoharlalbjp) 24 Jan 2022
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट कुछ दिनों में पेश होने वाला है। केंद्रीय वित्तमंत्री द्वारा बुलाई गई प्री-बजट बैठक में उन्होंने अपने कुछ सुझाव दिए थे। प्रदेश का अधिकतर क्षेत्र एनसीआर में होने के कारण 5 हजार करोड़ रुपये देने की मांग की है। इसके साथ-साथ हरियाणा सरकार भी अपने बजट की तैयारी कर रही है। इसके लिए सांसदों व विधायकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। इन सुझावों को हरियाणा की प्री-बजट बैठक में शामिल किया जाएगा।