आग की लपटों में घिरे विस्थापित को बचाता पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रणजीत सागर डैम औसती यूनियन ने प्रधान डा. रमेश सिंह की अध्यक्षता में चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर रोजगार की मांग को लेकर रोष प्रदर्शन किया। धरने में डैम औसती परिवार महिलाओं सहित शामिल हुए। परिवारों का कहना था कि बांध व जिला प्रशासन को मंगलवार 12 बजे तक उन्हें नियुक्ति पत्र जारी करने का समय दिया था, परंतु कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। इस पर यूनियन के 50 वर्षीय सदस्य कृपाल सिंह ने चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।
आग कृपाल की चादर को लगी थी। एसएचओ शाहपुरकंडी ने झपटकर चादर को खींच लिया, जिससे थाना प्रभारी मंदीप सलगोत्रा के चेहरे पर भी आंच आई। आत्महत्या के प्रयास के आरोप में शाहपुरकंडी पुलिस कृपाल को थाने ले गई। इससे औसती परिवार भड़क गए और पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बिगड़ता देख डीएसपी धारकला सुखजिंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने कानून हाथ में न लेकर शांतिपूर्वक रोष धरने पर बैठने को कहा।
डैम औसती संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष रमेश सिंह व चेयरमैन प्रेम सागर ने कहा कि वह लोग पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से डैम प्रशासन की ओर से बांध परियोजना के निर्माण के समय उनकी अधिगृहीत की गई भूमि के बदले में रोजगार की मांग करते आ रहे हैं। बांध प्रशासन उनकी लगातार अनदेखी करता आ रहा है।
उन्हें आश्वासन के अलवा कुछ नहीं मिल। मामला शांत न होते देख एसडीएम धारकलां डॉ. निधि कलोत्रा व जिला रेवेन्यू अधिकारी अरविंद प्रकाश वर्मा मौके पर पहुंचे और परिवारों को आश्वासन दिया कि गुरुवार को शाहपुरकंडी के डीसी आरएडंआर कार्यालय में उनके साथ बैठक कर सारे मामले को सुलझा लिया जाएगा। आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिया गया।