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Punjab Flood: फिरोजपुर में 50 गांव बाढ़ की चपेट में, दो नौजवान बहे, सेना व NDRF ग्रामीणों को निकालने में जुटी

Fri, 18 Aug 2023 05:30 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)

सार

फिरोजपुर में मल्लांवाला, पल्ला मेगा व हुसैनीवाला से सटे सभी गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। सेना और एनडीआरएफ नाव व मोटर बोट से ग्रामीणों को निकाल कर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने में जुटी है। गट्टी राजोके के पुल की मरम्मत सेना कर रही है।
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फिरोजपुर में गांव में घुसा बाढ़ का पानी और तेज बहाव में फंसा युवक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब में सतलुज नदी ने रौद्र रूप धारण कर रखा है। फिरोजपुर जिले लगभग पचास गांव बाढ़ की चपेट में है। मल्लांवाला के गांव आले वाला में दो नौजवान और बस्ती किशनपुरा में एक व्यक्ति पानी में बह गए। इनमें दो को बचा लिया गया है लेकिन तीसरे का अभी तक सुराग नहीं मिला है। 

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कई गांवों से पशुओं के बहने की सूचना है। ग्रामीणों की मदद के लिए सेना और एनडीआरएफ बुलाई गई है। हुसैनीवाला की तरफ 15 गांवों व बीएसएफ की सुविधा के लिए बने पुल को पानी ने नुकसान पहुंचाया है। नदी का पानी दुलचीके बांध तक पहुंच चुका है। बांध को नुकसान पहुंचता है तो पूरा फिरोजपुर पानी में डूब जाएगा। हरिके हेड से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

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वर्ष 1988 की तुलना में इस बार बाढ़ ज्यादा आई है। गांव कालू वाला को पूरी तरह खाली करा दिया गया है। इस गांव की 20 एकड़ जमीन नदी में समा गई है। जानकारों के मुताबिक फिरोजपुर के 50 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए हैं। 

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ग्रामीणों को राहत कैंपों में पहुंचने की अपील की जा रही है। कई ग्रामीण बांध पर बैठे हैं। ग्रामीणों के कहने पर जिला प्रशासन ने हुसैनीवाला हेड के गेट खुलवाए हैं। मल्लांवाला, पल्ला मेगा व हुसैनीवाला से सटे सभी गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। सेना और एनडीआरएफ नाव व मोटर बोट से ग्रामीणों को निकाल कर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने में जुटी है। गट्टी राजोके के पुल की मरम्मत सेना कर रही है।

गुरदासपुर में सेना की चार टीमें बांट रहीं राहत सामग्री

गुरदासपुर में सेना की चार टीमें लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। शुक्रवार को सेना के जवानों की राहत टीम ने गांव दाऊवाल, किशनपुर, भैणी पसवाल और अन्य इलाकों में लोगों को खाद्य पदार्थ और पानी वितरित किया। लोगों ने भारतीय सेना का धन्यवाद किया है।



बता दें कि गुरदासपुर जिले में ब्यास नदी के किनारे पर बसे गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में सेना के जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे है। भारतीय सेना की बाढ़ राहत टीम के 45 जवान लेफ्टिनेंट कर्नल वीके सिंह के नेतृत्व में लोगों की मदद में जुटे हैं।

सेना ने पुराना शाला के राहत शिविर में बेस बनाया है और पूरे बाढ़ प्रभावित इलाके में चार टीमें बनाकर राहत अभियान चलाया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष में लेफ्टिनेंट कर्नल वीके सिंह और चार जेसीओ सेना के राहत अभियान की कमान संभाल रहे हैं। इसके अलावा पुराना शाला में सेना ने मेडिकल रूम स्थापित किया है। जहां जरूरतमंदों को जांच के बाद दवा दी जा रही है।

तीन व्यक्ति बहे, दो को बचाया, एक लापता

बाढ़ के पानी में बहे नौजवानों में से एक लापता है जबकि दो को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एक की नाजुक हालत देख मल्लांवाला के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया है। कई गांवों में पानी का स्तर 10 से 12 फुट तक है। मल्लांवाला के गांव फत्तेहवाला में दो युवक बाढ़ के तेज बहाव पानी में बह गए। किसी ने उन्हें पानी में बहते देखा। 

गोताखोर की मदद से परविंदर सिंह निवासी नशहिरा पन्नुआं को पानी से निकाल लिया। उसकी नाजुक हालत देख मल्लांवाला के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया है। जबकि इसका दोस्त हरप्रीत सिंह पुत्र दरबारा सिंह निवासी आलेवाला पानी के तेज बहाव में बह गया। उसका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।

वहीं बस्ती किशनपुरा में गुरभेज सिंह गहरे पानी में फंस गया। दो घंटे तक सफेदे के पेड़ को पकड़कर जान बचाई। एनडीआरएफ टीम ने उसे सुरक्षित पानी से बाहर निकाला है। गुरभेज ने बताया कि वह गांव में फंसे अपने पारिवारिक सदस्यओं को निकालने गया था लेकिन गांव में कई जगह पानी का स्तर बहुत गहरा था। गहरे पानी में वह फंस गया।

 
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