छछरौली के गांव गनौला में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों के चलते तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने फूड पॉयजनिंग का केस बताकर फिलहाल सभी लोगों की हालत सामान्य बताई है। उधर, थाना छछरौली पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन लोगों के बयान लेने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव गनौला की बाला देवी ने बताया कि वह और उसकी देवरानी सतबीर देवी गांव में एक ही घर में रहते हैं। सोमवार दोपहर में सतबीर ने आलू-छोले बनाए थे, जिसे उसके परिवार के लोगों ने दोपहर में खाया और इसके बाद रात में भी उन्होंने बचे हुए आलू-छोले खाए थे।
मंगलवार सुबह जब सतबीर और उसके पति अर्जुन सिंह की नींद खुली तो उन्होंने उल्टियां करनी शुरू कर दी। वहीं उनकी 16 वर्षीय बेटी अंजुम, 14 वर्षीय बेटे विशाल और 8 वर्षीय गुरविंद्र बेसुध हालत में बेड पर पड़े थे।
इस पर उन्होंने आसपास लोगों को बुलाया और परिवार के पांचों लोगों को यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने इसे फूड पॉयजनिंग का मामला बताया और इस संबंध में पुलिस को सूचित किया गया।
थाना छछरौली पुलिस ने मौके पर पहुंच छानबीन कर ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन परिवार के लोगों से बयान लेने के बाद जांच शुरू कर दी है।