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हरियाणाः ओलावृष्टि से खराब हुई फसल, तनाव में चल रहे 44 वर्षीय किसान की हृदयघात से मौत

Wed, 13 Feb 2019 09:19 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
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मृतक सतपाल की फाइल फोटो
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ओलावृष्टि से साढे़ छह एकड़ में सरसों की फसल को हुए नुकसान के कारण तनाव में चल रहे 44 वर्षीय किसान सतपाल की सोमवार रात हृदयघात से मौत हो गई। सतपाल ने आठ एकड़ जमीन 60 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किराए पर लेकर उसमें सरसों तथा गेहूं की बिजाई की थी। पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई की है।  

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गांव ढाढ़ोत निवासी सतबीर ने बताया कि वह छह भाई और दो बहने हैं। सभी भाई अलग-अलग रहते हैं। छोटा भाई 44 वर्षीय सतपाल गांव में ही खेती-बाड़ी करता है। सतपाल की तीन बेटियां है। पहली बेटी दो वर्षीय तनवी, दूसरी बेटी चार वर्षीय पूजा और तीसरी बेटी छह साल की प्रांजल है। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वह दूसरे लोगों की जमीन ठेके पर लेकर खेती करता था।

इस साल उसने आठ एकड़ जमीन 60 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किराए पर ली थी। सतपाल ने साढ़े छह एकड़ में सरसों और 1.5 एकड़ में गेहूं की बिजाई थी। सात फरवरी को ओलावृष्टि के बाद सतपाल की सरसों की फसल को 50 से 60 प्रतिशत नुकसान हो गया था। जिसके चलते वह परेशान रहने लगा था। 
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परिवार के लोगों से भी नुकसान के बारे में खुलकर बात नहीं कर रहा था। फसल को लावारिस पशुओं से बचाने के लिए रात के समय खेतों में ही रहता था। सोमवार की रात भी करीब दस बजे खाना खाकर खेतों में परिजनों का कहना है कि रात को तनाव के कारण हृदयघात से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने उप-नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने इतफाकिया कार्रवाई की है। 

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4.80 लाख रुपये चुकाना था जमीन का किराया 

मृतक सतपाल के भाई सतबीर ने बताया कि सरसों में 60 प्रतिशत तक का नुकसान है। सतपाल को जमीन का किराया के तौर पर 4 लाख 80 हजार रुपये चुकाने थे। उसे सरसों से किराया पूरा होने की उम्मीद भी नहीं थी। सिर पर तीन बेटियों वाले परिवार का बोझ था। बेटियों की पढ़ाई को लेकर भी चिंतित रहता था।   

गांव ढाढ़ोत में फसलों को नुकसान तो हुआ है। नुकसान का सर्वे करने लिए विशेष गिरदावरी कराई जा रही है। जिसकी अंतिम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार 15 से 30 प्रतिशत नुकसान होने का आंकलन किया गया था। रमेश कुमार, नायब तहसीलदार, महेंद्रगढ़।

15 गांवों में हुआ नुकसान 
उष्मापुर, खातोदड़ा, खातोद, बलाना, मांडोला, बुडीन, बलायचा, सोहला, ढाढोत, राजावास, देवराली, जेरपुर, धोली, पाली में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ था। प्रभावित गांवों में शिक्षामंत्री ने मौके पर पहुंचकर विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए थे। जिसके बाद 13 पटवारियों की डयूटी लगाकर सर्वे कराया जा रहा है। 15 फरवरी तक फाइनल रिपोर्ट आने की उम्मीद है। 

घर भी कच्चा ...
गांव में सतपाल का मकान भी कच्चा है। वह अपने दूसरे भाई सतबीर के मकान के हिस्से में रहता था। ग्रामीणों ने कहा कि वह उधार में सोसायटी से खाद बीज लेता था। बाद में फसल बेचकर पैसा चुकता करता था। आर्थिक हालत कमजोर होने के बाद भी उसने कभी कर्ज नहीं लिया।
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