मृतक सतपाल के भाई सतबीर ने बताया कि सरसों में 60 प्रतिशत तक का नुकसान है। सतपाल को जमीन का किराया के तौर पर 4 लाख 80 हजार रुपये चुकाने थे। उसे सरसों से किराया पूरा होने की उम्मीद भी नहीं थी। सिर पर तीन बेटियों वाले परिवार का बोझ था। बेटियों की पढ़ाई को लेकर भी चिंतित रहता था।
गांव ढाढ़ोत में फसलों को नुकसान तो हुआ है। नुकसान का सर्वे करने लिए विशेष गिरदावरी कराई जा रही है। जिसकी अंतिम रिपोर्ट अभी नहीं आई है। प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार 15 से 30 प्रतिशत नुकसान होने का आंकलन किया गया था। रमेश कुमार, नायब तहसीलदार, महेंद्रगढ़।
15 गांवों में हुआ नुकसान
उष्मापुर, खातोदड़ा, खातोद, बलाना, मांडोला, बुडीन, बलायचा, सोहला, ढाढोत, राजावास, देवराली, जेरपुर, धोली, पाली में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ था। प्रभावित गांवों में शिक्षामंत्री ने मौके पर पहुंचकर विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए थे। जिसके बाद 13 पटवारियों की डयूटी लगाकर सर्वे कराया जा रहा है। 15 फरवरी तक फाइनल रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
घर भी कच्चा ...
गांव में सतपाल का मकान भी कच्चा है। वह अपने दूसरे भाई सतबीर के मकान के हिस्से में रहता था। ग्रामीणों ने कहा कि वह उधार में सोसायटी से खाद बीज लेता था। बाद में फसल बेचकर पैसा चुकता करता था। आर्थिक हालत कमजोर होने के बाद भी उसने कभी कर्ज नहीं लिया।