ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल में शामिल होने वाले व्यक्ति की उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए। उसका स्वस्थ होना और कोरोना संक्रमित न होना बेहद जरूरी है। ट्रायल से पहले उसके सारे मेडिकल चेकअप किए जाएंगे। रिपोर्ट मानक के अनुरूप आने के बाद ही उसे ट्रायल में शामिल किया जाएगा। उसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाया जाएगा और जिसका लगातार फॉलोअप किया जाएगा।
साथ ही उन लोगों को अलग से डायरी दी जाएगी, जिसमें उन्हें महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करना होगा। इसे बाद में पीजीआई अपने ट्रायल की रिपोर्ट में शामिल करेगा। ट्रायल के दौरान यह चेक किया जाएगा कि वैक्सीन देने के बाद उन लोगों में एंटीबॉडी बन रही हैं या नहीं। डॉ. मधु ने बताया कि इसमें पॉजिटिव मरीजों को इसलिए शामिल नहीं किया जा रहा है क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद ठीक हो चुके मरीजों में खुद ही एंटीबॉडीज बन चुकी होंगी।
स्क्रीनिंग के बाद होगा 250 वालंटियर्स का चयन
ट्रायल से पहले पंजीकृत वालंटियर्स में से 300 लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। उनमें से 250 लोगों को चुना जाएगा। डॉ. मधु ने बताया कि एक से डेढ़ हफ्ते के अंदर इसका ट्रायल शुरू हो जाएगा। इसमें कम्युनिटी मेडिसिन के साथी वायरोलॉजी, फार्मोकोलॉजी, इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर किए जा रहे हैं शोध में इस ट्रायल के परिणाम के बाद ही कोरोना के इलाज की सफलता को आंका का जा सकेगा।
तीन माध्यमों से करा सकते हैं पंजीकरण
ह्यूमन ट्रायल में शामिल होने के लिए आप तीन माध्यमों से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पहला आप पीजीआई की वेबसाइट उपलब्ध ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकते हैं। दूसरा आप ईमेल आईडी Civil.shield2020@gmail.com पर मेल कर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा +917696148362 नंबर पर मैसेज कर सकते हैं।