पंजाब में 13 स्थानों पर किसानों के धरने के कारण शुक्रवार को 91 ट्रेनें रद्द रहीं, जबकि 381 रेलगाड़ियां प्रभावित होने के कारण रेलवे डिवीजन फिरोजपुर को 3100 यात्रियों को 17 लाख रुपये का रिफंड करना पड़ा है। वहीं, दो दिन से 17 माल गाड़ियां अन्य स्टेशनों पर खड़ी हैं। 50 पैसेंजर ट्रेनों के रूट परिवर्तित कर उन्हें निर्धारित स्टेशनों के लिए रवाना किया गया, जबकि 48 पैसेंजर ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर रोक दिया गया।
पांच ट्रेनें शॉर्ट ओरिजिनेट की गईं। वहीं, किसानों ने शुक्रवार को चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर मोहाली के लालड़ू के पास जाम लगा दिया, जिससे दिल्ली जाने वाले वाहनों को रोका गया। आंदोलनकारी किसान शाम 5:30 बजे के करीब धरनास्थल से हट गए थे। इसके बाद चंडीगढ़-दिल्ली रूट पर यातायात बहाल किया जा सका।
रेल डिवीजन फिरोजपुर के प्रबंधक संजय साहू ने बताया कि किसान संगठनों ने 13 स्थानों पर धरना देकर रेलमार्ग ठप रखा। पंजाब में मानांवाला-जंडियाला के रेलवे फाटक (अमृतसर), जालंधर कैंट स्टेशन, फिरोजपुर छावनी स्टेशन, गोलेहवाला स्टेशन, फाजिल्का स्टेशन, मल्लांवाला स्टेशन, तलवंडी भाई, मोगा रेलवे स्टेशन, अजीतवाल, गुरदासपुर रेलवे स्टेशन, होशियारपुर स्टेशन, तरनतारन स्टेशन और मजीठा स्टेशन पर किसानों का धरना चल रहा है।
रेलवे की अपील- आम लोगों का ध्यान रखें
डीआरएम साहू ने किसान जत्थेबंदियों से अपील करते हुए कहा कि रेलवे ने किसानों को कोई नुकसान नहीं किया है। रेलवे से भी कोई शिकायत नहीं है। उनके ट्रेनें रोकने से गरीब वर्ग के लोग परेशान हो रहे हैं। किसान संगठनों को आम लोगों का ध्यान रखना चाहिए। रेल अधिकारियों का कहना है कि एक ट्रेन में रोजाना करीब डेढ़ हजार यात्री सफर करते हैं। 381 ट्रेनें प्रभावित होने से लाखों यात्री परेशान हो रहे हैं। चालू वर्ष में तीन बार किसानों ने ट्रेनें रोकी हैं। इससे रेलवे को राजस्व का नुकसान तो हुआ ही है, साथ ही आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।