चंडीगढ़। पीजीआई में जल्द ही नौकरी का पिटारा खुलेगा। संस्थान वर्षों से खाली सैकड़ों पदों को भरने की तैयारी में है। युवाओं के लिए यह राहत की खबर है। क्योंकि इस दौरान डॉक्टर से लेकर अन्य पैरामेडिकल पदों पर तैनाती की जाएगी। इसके लिए केन्द्रीय सचिव ने हरी झंडी दे दी है। खास बात यह है कि संस्थान को खाली पड़े 380 पदों को शीघ्र भरने के साथ ही अन्य पद सृजन की भी अनुमति दी गई है ताकि मरीजों के दबाव के बीच बिना कमचारियों पर बोझ कम हो सके। संस्थान इन पदों पर तैनाती के लिए बेवसाइट और विज्ञापन से सूचना जारी कर रहा है। पीजीआई ने केंद्र सरकार को डाक्टर, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन, क्लर्क और सेनेटरी अटेंडेंट के 380 खाली पदों को सितंबर तक भरने की बात कही है। पीजीआई के डीडीए कुमार गौरव ने बताया कि सितंबर के अंत तक 380 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे कार्यरत मौजूदा कर्मचारियों को बोझ से राहत तो मिलेगा ही साथ ही मरीजों को भी राहत मिलेगी। संस्थान मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करा सकेगा। मरीजों को इलाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
पीजीआई में तैनाती की स्थिति
- पीजीआई में 7300 स्वीकृत पद हैं
- जिसमें फैकेल्टी, डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल, तकनीकी कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
- अदालती मामलों के कारण लगभग 1700 पद बैकलॉग हो गया है।
- पीजीआई में नर्सिंग के 2572 पदों में से 155 खाली पड़े हैं।
- चिकित्सक के स्वीकृत 728 पदों में से 127 पद रिक्त हैं।
प्रतिदिन 8 से 19 हजार मरीजों का दबाव
- पीजीआई में प्रतिदिन ओपीडी व इमरजेंसी मिलाकर 8 से 9 हजार मरीज इलाज कराने आ रहे हैं।
- इसमें सबसे ज्यादा संख्या पंजाब के मरीजों की है। जबकि हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश समेत देश के लगभग हर कोने से रेफर मरीज यहां आ रहे हैं।
संस्थान में खाली पदों पर तैनाती की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सितंबर के अंत तक सभी खाली पद भर दिए जाएगें। इससे युवाओं को भी रोजगार का अवसर प्राप्त होगा, साथ ही संस्थान की कार्यप्रणाली व मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता में भी बेहतर होगी।
-कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई