चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 की दवा की दुकानों पर ड्रग इंस्पेक्टर ने सोमवार को जांच शुरू कर दी। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर ने तीनों दुकानों के बिल का ब्योरा खंगाला। वहीं, दुकान नंबर 6 पर मिल रही ब्रांडेड सिरप एमकेन के आपूर्तिकर्ता कंपनी की जानकारी ली। दुकान संचालक से दवा की आपूर्ति व खरीद से संबंधी कागजों को देखा। वे कंपनी से जुड़े कागज साथ ले गए। वहीं अस्पताल की ओपीडी से इमरजेंसी तक में डॉक्टरों को डायरी रखने के आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य निदेशक व चिकित्सा अधीक्षक ने सभी मेडिकल ऑफिसरों व विशेषज्ञों को हर हाल में डायरी मेनटेन करने को कहा, ताकि ब्रांडेड दवा लिखे जाने पर उसके कारण डायरी में जरूर नोट किए जा सके। बता दें कि यशपाल गर्ग ने शनिवार की रात अस्पताल का दौरा किया। इसमें इमरजेंसी समेत दवा की दुकानों और कैंटीन की व्यवस्था जांची। इस दौरान उन्हें परिसर स्थित तीनों दवा की दुकानों पर मांगने पर बिल दिया गया। इमरजेंसी में डॉक्टर ने पेट दर्द की दवा का सॉल्ट नेम लिखने के बजाय ब्रांड नेम लिखा। वह दवा दुकान नंबर 6 पर मिली। सॉल्ट न लिखे जाने पर स्वास्थ्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। उनका कहना है कि जनवरी में इस संबंध में एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। उसके बाद भी मनमानी जारी है। अब ऐसे डॉक्टरों पर नकेल कसी जाएगी जो अपने हित के लिए मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाएं लिख रहे हैं। हर हाल में जेनेरिक दवाएं प्रमोट करनी है ताकि मरीजों को राहत मिल सके।