किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल। (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
किसानों की 18 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ हुई 32 किसान संगठनों की बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बन गई। इसके बाद भी किसान नेता मुख्यमंत्री के आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखे। किसान नेता बलवीर राजेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मांगे मान ली है लेकिन वह संतुष्ट तब होंगे जब वह धरातल पर लागू हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री से बैठक के बाद किसान नेता बलबीर राजेवाल ने चंडीगढ़ में कहा कि किसानों ने 18 सूत्रीय मांगें रखी थीं। जिनमें से अधिकांश पर सहमति बन गई है लेकिन सूबे के किसानों का 90 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ करने पर सहमति नहीं बन पाई। किसानों की यह प्रमुख मांग थी।
उन्होंने कहा कि अब सरकार को किसानों की अन्य मांगों को लागू करना महत्वपूर्ण है। अगर समयबद्ध तरीके से मांगें लागू हो जाती हैं तो सभी किसान सरकार का धन्यवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि कानून केंद्र के बनाए कानून हैं। पंजाब सरकार इन्हें रद्द करने के लिए केंद्र पर सिर्फ दवाब बना सकती है लेकिन रद्द ये देश की संसद में ही होंगे।
बैठक से पहले हुआ हंगामा
मुख्यमंत्री के साथ किसानों की बैठक से पहले पंजाब भवन में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस कर्मियों के किसान नेताओं को धक्का देने के बाद किसान नेता बिफर गए और बैठक का बहिष्कार कर दिया। जिसके बाद मुख्यमंत्री चन्नी और कृषि मंत्री नाभा किसानों को मनाने पहुंचे। जिसके बाद किसान बैठक में शामिल हुए।