पिछले चार दिनों से हवा में धुंध छाई हुई है। अगले रविवार तक ऐसा ही मौसम रहने वाला है। हवा नहीं चलने और प्रदूषण से धुंध नहीं हटेगी। इससे तापमान और हवा में नमी की मात्रा बढ़ेगी, जो डेंगू के मच्छरों के लिए अनुकूल रहेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अधिकतम तापमान 22 डिग्री तक नहीं आएगा, तब तक डेंगू के मच्छरों का खात्मा मुश्किल होगा। अब तक चंडीगढ़ में 966 से ज्यादा डेंगू के केस आ चुके हैं, जो शहरवासियों के लिए चिंता का सबब बन सकती है। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। दूसरी तरफ प्रशासन ने वीरवार को हाईकोर्ट में जो डेंगू की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। प्रशासन की ओर से बताया गया कि डेंगू के 3176 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से केवल 966 चंडीगढ़ के हैं। बाकी मामलों में या तो बाहर के लोग हैं या फिर उन्होंने अपना पता गलत लिखवाया है।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि डेंगू की जांच के लिए पीजीआई, जीएमसीएच 32, जीएमएसएच 16 और मनीमाजरा अस्पताल में सेंटर बनाए गए हैं। पीजीआई में 1437, जीएमसीएच 32 में 1083, जीएमएसएच 16 में 691 और मनीमाजरा अस्पताल में 780 मामले पॉजिटिव आए हैं। प्रशासन की ओर से बताया गया कि डेंगू के लिहाज से साल का 41वां सप्ताह सबसे ज्यादा भयावह रहा और इसमें डेंगू का प्रकोप सबसे ज्यादा सामने आया।
413 मरीजों ने गलत पता लिखवाया
Dengue
- फोटो : Amar ujala
5453 को नोटिस, 18 चालान काटे
प्रशासन की ओर से इसे रोकने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया और डोर-टू-डोर सर्वे, विभिन्न प्रचार सामग्रियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करना, जागरुकता शिविर आयोजित करना, दवा का छिड़काव आदि कदम उठाए गए। इसके साथ ही डेंगू के लारवा को लेकर 5453 नोटिस जारी किए गए, 19 कारण बताओ नोटिस तथा 18 चालान किए गए हैं। इसके साथ ही रोकथाम के लिए सेंट्रल टास्क फोर्स बनाई गई है। इस फोर्स में 15 कर्मचारी और एक सुपरवाइजर शामिल हैं। साथ ही हेल्पलाईन जारी की गई है और सेंट्रल रिपोर्टिंग व सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया गया है।
413 मरीजों ने गलत पता लिखवाया
डेंगू के मामलों को लेकर चंडीगढ़ आने वाले लोगों में से 413 मामले ऐसे थे जिन्होंने अपना पता गलत लिखवाया है और जिन्हें आगे ट्रेस कर पाना मुश्किल है। प्रशासन ने बताया कि सभी मामलों में फॉलोअप किया जा रहा है और आगे की रणनीति बनाते हुए डेंगू पर कंट्रोल करने का प्रयास किया जा रहा है।