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यहां संदिग्ध हालात में मरे मिले 3 मोर, जानिए क्या है पूरा मामला?

Tue, 15 Nov 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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मरे मिले तीन मोर, बर्ड फ्लू की आशंका - फोटो : File Photo
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सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा द्वारा गोद लिए गए गांव दाऊं के पास स्थित रामगढ़ में संदिग्ध हालत में तीन मोर मरने का मामला सामने आया है। जंगलात विभाग की टीम ने हरकत में आते हुए मरे मोरों को जालंधर स्थित आरडीपी लैब भेज दिए है। साथ ही इलाके की मिट्टी के सैंपल भी लिए है, ताकि मौत की वजह साफ हो सके। डॉक्टरों का कहना है कि बर्ड फ्लू की आशंका काफी कम है, लेकिन फिर भी अपनी तरफ से पूरे कदम उठाए जा रहे हैं। 
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जानकारी के मुताबिक, सोमवार को इलाके के लोगों ने देखा कि मोरों के पंख इलाके में बिखरे हुए हैं। मोरों की आंखें भी निकली हुईं थीं। लोगों ने जंगलात विभाग को सूचित किया। इसके बाद रोपड़ रेंज अफसर सुनील कुमार की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मरे तीन मोरों को अपने कब्जे में ले लिया। इसमें से दो मोरनी और एक मोर था। मंगलवार को जंगलात विभाग की टीम खरड़ स्थित पशु अस्पताल पहुंची, लेकिन वहां पर मोरों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।

इसके बाद टीम बलौंगी स्थित पशु अस्पताल गई तो वहां डॉक्टरों की टीम ने कहा कि जहां पर मोर मरे हैं। उसी इलाके के अस्पताल में पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद जंगलात विभाग की टीम जब रामगढ़ पहुंची तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने कहा कि इनको जालंधर स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई करेगी।
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इलाके की मिट्टी के सैंपल भी विभाग की टीम ने लिए

- फोटो : File Photo
खेतों में डाली जहरीली दवा से तो नहीं हुई मौत
पशु पालन विभाग के माहिरों की माने तो बर्ल्ड फ्लू का खतरा काफी कम है। यहां कृषि योग्य भूमि के साथ ही जंगल लगते हैं। लोगों ने अपनी फसल में जहरीली दवा का प्रयोग किया है। ऐसे में हो सकता है कि मोरों ने जहरीली दवा खा ली हो, जिससे मोरों की मौत हुई हो।

खेत मालिक की हुई पहचान, हो सकता है केस दर्ज
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें जिस खेत के पास से मोर मिले हैं। उसकी पहचान कर ली है। पता चला है कि एक व्यक्ति ने अपना खेत ठेके पर दे रखा है। दोनों ही इलाके के लोकल हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर जहरीली दवा की वजह से मौत हुई होगी तो इन लोगों पर केस दर्ज किया जा सकता है।
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