सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा द्वारा गोद लिए गए गांव दाऊं के पास स्थित रामगढ़ में संदिग्ध हालत में तीन मोर मरने का मामला सामने आया है। जंगलात विभाग की टीम ने हरकत में आते हुए मरे मोरों को जालंधर स्थित आरडीपी लैब भेज दिए है। साथ ही इलाके की मिट्टी के सैंपल भी लिए है, ताकि मौत की वजह साफ हो सके। डॉक्टरों का कहना है कि बर्ड फ्लू की आशंका काफी कम है, लेकिन फिर भी अपनी तरफ से पूरे कदम उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को इलाके के लोगों ने देखा कि मोरों के पंख इलाके में बिखरे हुए हैं। मोरों की आंखें भी निकली हुईं थीं। लोगों ने जंगलात विभाग को सूचित किया। इसके बाद रोपड़ रेंज अफसर सुनील कुमार की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मरे तीन मोरों को अपने कब्जे में ले लिया। इसमें से दो मोरनी और एक मोर था। मंगलवार को जंगलात विभाग की टीम खरड़ स्थित पशु अस्पताल पहुंची, लेकिन वहां पर मोरों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
इसके बाद टीम बलौंगी स्थित पशु अस्पताल गई तो वहां डॉक्टरों की टीम ने कहा कि जहां पर मोर मरे हैं। उसी इलाके के अस्पताल में पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद जंगलात विभाग की टीम जब रामगढ़ पहुंची तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने कहा कि इनको जालंधर स्थित लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई करेगी।