एक फिदायीन हमले के बाद सैय्यद वकार अली शाह ने पांच जून 2017 को फेसबुक पर जैश द बेस्ट, मोर टू कम लिखकर पोस्ट डाला था। वकार अली शाह द्वारा इसके पहले भी कई देश विरोधी पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली गईं थीं। इनमें लव यू पाक तक लिखा है। इस पोस्ट की जानकारी के बाद क्राइम ब्रांच, थाना पुलिस, चौकी और पंचकूला के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। जब इस स्टूडेंट्स की वेरिफिकेशन कॉलेज में हुई तो पता चला कि यह 13 फरवरी से गायब है। अभी तक कॉलेज वापस नहीं लौटा है।
नामी निजी कॉलेज ने दो कश्मीरी स्टूडेंट किए सस्पेंड
उधर, मोहाली में पुलवामा आतंकी हमले के बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में एक नामी निजी कॉलेज की मैनेजमेंट ने दो कश्मीरी विद्यार्थियों को सस्पेंड कर दिया है। दोनों छात्रों की पहचान अदनान मंजूर कंप्यूटर इंजीनियर द्वितीय सेमेस्टर व अजहर बशीर सिविल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र के रूप में हुई है। दोनों शहीद ऊधम सिंह कॉलेज तंगोरी में पढ़ाई कर रहे हैं। अदनान जहां सोपोर का रहने वाला है, वहीं अजहर जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले से है।
यह बताई सस्पेंड करने की वजह
निलंबन के आदेश में कॉलेज मैनेजमेंट ने साफ लिखा है कि दोनों लड़कों ने पुलवामा आतंकी हमले के बारे में सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट अपलोड की थी और स्टूडेंट उन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे जिसके चलते मैनेजमेंट ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। कालेज प्रिंसिपल सुशील कंबोज ने मीडिया से बातचीत में इसकी पुष्टि की और कहा कि वह किसी भी तरह का माहौल खराब नहीं करना चाहते थे जिसके चलते यह फैसला लिया।
एक युवक कॉलेज की क्रिकेट टीम का है कैप्टन
कॉलेज मैनेजमेंट के अनुसार अदनान जहां कालेज की क्रिकेट टीम का कैप्टन है, वहीं अजहर बशीर भी होनहार छात्रों में शामिल है।
बाद में विद्यार्थियों ने गलती के लिए माफी मांगी
पोस्ट करने वाला अदनान अभी कॉलेज में ही है जबकि अजहर कश्मीर में था। मैनेजमेंट ने जब अदनान से इस बारे में बात की तो उसने इसके लिए माफी मांगी। हालांकि इस दौरान मैनेजमेंट ने संस्थान में पढ़ने वाले अन्य कश्मीरी छात्रों से बातचीत की। उन्होंने माना कि यह सब दोनों ने गलत किया है।