फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा HSGPC में होंगे 29 सदस्य, 25 निर्वाचित और 4 मनोनीत

Sat, 28 Jun 2014 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा में अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को लेकर सियासत गरम है। हरियाणा की सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी 29 सदस्यीय होगी। इसमें 25 सदस्य निर्वाचित होंगे जबकि चार मनोनीत होंगे। पहली कार्यकारिणी एडहॉक होगी।
विज्ञापन


इसमें मौजूदा एसजीपीसी सदस्य भी शामिल होंगे और 11 सदस्य हरियाणा सरकार मनोनीत करेगी। यह एडहॉक कमेटी तब तक काम करेगी जब तक नवगठित कमेटी का पहला चुनाव नहीं हो जाता। ये प्रावधान हरियाणा सरकार के अलग कमेटी गठित के तैयार किए विधेयक मसौदे में किए गए हैं।

हरियाणा के सिखों ने आगामी 6 जुलाई को कैथल में सिख सम्मेलन बुलाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा, उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला, कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व सांसद नवीन जिंदल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर इस सम्मेलन में पहुंचेंगे।
विज्ञापन


सिखों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सम्मेलन में अलग कमेटी का ऐलान कर सकते हैं। मगर उससे पहले सरकारी तौर पर मसौदा तैयार किया जा रहा है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का मुख्यालय या क्षेत्रीय कार्यालय पंचकूला, अंबाला और कुरुक्षेत्र में से कहीं भी हो सकता है।

यह होगा कमेटी का ढांचा

हरियाणा में कमेटी के सदस्य चुनने के लिए 25 वार्ड बनाए जाएंगे। इन वार्डों से सदस्य चुने जाएंगे। ये 25 निर्वाचित सदस्य चार अन्य सदस्यों को कोआप्ट (मनोनीत) करेंगे। मनोनीत सदस्यों में दो महिलाएं जरूर होंगी और दो सदस्य समाज के गरीब वर्ग से लिए जाएंगे।

इन चार में से दो सदस्य सिंह सभाओं के प्रधानों से लिए जा सकेंगे। अलबत्ता, उनका नाम ड्रा के जरिए निकाला जाएगा। मनोनीत सदस्यों को भी कार्यकारिणी के लिए पदाधिकारी चुनने के लिए वोट का अधिकार होगा। इन मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल भी निर्वाचित सदस्यों के समान होगा।

नवनिर्वाचित कमेटी का कार्यकाल पहली बैठक से पांच साल तक होगा। पांच साल बाद हर हालत में चुनाव कराना जरूरी होगा। गुरुद्वारा आयोग सदस्यों का चुनाव कमेटी के साथ विचार विमर्श करने के बाद करवाएगा।

कमेटी का सदस्य बनने की योग्यता

एक वोटर सिर्फ एक ही वार्ड में वोट बनवा सकेगा। जहां वोट बनवानी है, वहां कम से कम छह महीने से रह रहा हो। 18 साल कम उम्र का सिख, पतित सिख (जो शेव करता हो या दाढ़ी और केश छोटे करवाता हो), तंबाकू का प्रयोग करता हो, कत्था (हलाल मांस) या मादक वस्तुएं और मादक पेय लेने वाला व्यक्ति वोटर नहीं बन सकता।

निर्वाचित और मनोनीत सदस्य के लिए कम से कम 25 साल की उम्र होनी चाहिए। निर्वाचन के लिए किसी भी वार्ड में वोटर होना चाहिए। अमृतधारी सिख होना चाहिए। भारत का नागरिक होना चाहिए। पतित सिख नहीं होना चाहिए और अगर अमृतधारी सिख है तो दाढ़ी और केश नहीं बनवाने होने चाहिए। मादक पदार्थों का सेवन न करता हो।

दिमाग से तंदुरुस्त हो। किसी भी सरकारी, बोर्ड, कमेटी या अन्य अथॉरिटी से नौकरी से बर्खास्त न हो, स्थानीय या किसी भी अन्य गुरुद्वारे में नौकरी न करता हो और पंजाब, गुरमुखी भाषा लिखना, पढ़ना जानता हो।
विज्ञापन

15 दिन के भीतर पदाधिकारी चुनने होंगे

नवनिर्वाचित सदस्यों की पहली बैठक गुरुद्वारा चुनाव आयुक्त बुलाएंगे। इस पहली बैठक में ही मनोनीत सदस्य चुनने होंगे। अगर ऐसा नहीं होता तो आयुक्त बैठक स्थगित कर सकते हैं मगर 15 दिन के भीतर बैठक बुलानी होगी। आयुक्त को वोट डालने का अधिकार नहीं होगा। पहली बैठक में सीट पर बैठने से पहले सदस्य को शपथ लेनी होगी।

इसके बाद सदस्य अपने बीच में से एक को प्रोटेम चेयरमैन चुनेंगे। ये प्रोटेम चेयरमैन बैठक की अध्यक्षता करेंगे जब तक प्रधान का चुनाव नहीं हो जाता। इसके बाद निर्वाचित प्रधान कार्यकारी बोर्ड के सदस्य चुनने की प्रक्रिया पूरी करवाएंगे। इस पहली बैठक में ही सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, जूनियर वाइस प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेट्री और ज्वाइंट सेक्रेट्री का चुनाव कराया जाएगा

इसके अलावा पांच कार्यकारिणी सदस्य चुने जाएंगे। यह पूरी कार्यकारिणी एग्जीक्यूटिव बोर्ड होगा। प्रधान और अन्य पदाधिकारियों का कार्यकाल ढाई-ढाई साल का होगा। यह अलग बात है कि प्रधान समेत सब पदाधिकारी दोबारा भी तीन बार बनने के योग्य होंगे मगर किसी भी सूरत में 10 साल से ज्यादा समय तक पदाधिकारी नहीं रह सकेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें