घोड़े नीचे से आ नहीं रहे और पुलिस जबरदस्ती हमें नीचे उतरने के लिए बोल रही है। पुलिस ने हमारे साथ बर्बरता की। यात्रियों को जबरदस्ती मारकर नीचे उतरा। कल लंगर वालों को अलर्ट कर दिया गया कि आप जल्द से जल्द नीचे उतरें, अभी घोड़े नहीं आ रहे हैं और हमारा सामान भी बिखरा पड़ा है। शंकर भगवान की जय..।
23 जून को अमरनाथ पहुंचा था दल
अमरनाथ पवित्र गुफा पर भंडारा लगाने के लिए करनाल से श्री अमरनाथ सेवा मंडल का दल 23 जून को वहां पहुंचा था। और 15 अगस्त तक यात्रा चलने तक भंडारा लगाया जाना था। कुछ सदस्य शुरुआत में भंडारा लगाने के बाद वापस आ गए थे, जबकि 25 लोगों को आगामी दिनों तक भंडारा लगाने के लिए वहीं रुकना था, लेकिन जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव की एडवाइजरी जारी होने के बाद इन्हें भी वापस जाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था।
प्रधान विजय सिंगला का दावा, सब सुरक्षित
इधर, करनाल पहुंचे श्रीअमरनाथ सेवा मंडल करनाल के प्रधान विजय सिंगला ने दावा किया है कि हमारे मंडल के 25 सदस्य अमरनाथ गुफा में फंसे हैं। उन्हें सुरक्षित बताया जा रहा है पर अब उनके साथ संपर्क नहीं हो रहा।
इसलिए जारी हुई थी एडवाइजरी
दरअसल, सुरक्षा बलों को अमरनाथ यात्रा के रूट पर सर्च ऑपरेशन के दौरान स्नाइपर राइफल मिली, जिसके बाद तीन अगस्त को यात्रा रोकने का फैसला किया गया। आतंकी खतरे को भांपते हुए तुरंत ये एडवाइजरी जम्मू कश्मीर के गृहसचिव ने जारी की। जिसमें उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्री अमरनाथ यात्रा मार्ग में जहां कहीं भी हैं वो अपने-अपने घरों की तरफ लौटने की कोशिश करें।