कोरोना काल में जब सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा बंद है। ऐसी स्थिति में आयुष्मान योजना के अंतर्गत हजारों गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिला है। शहर में 15 मार्च से 15 अक्तूबर के बीच इस योजना में पंजीकृत 2300 मरीजों को इलाज की सुविधा दी गई है। इनके इलाज पर स्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ 30 लाख रुपये का भुगतान किया है।
जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि योजना के अंतर्गत शहर के 16 निजी, 5 सरकारी अस्पतालों के साथ पीजीआई को सूचीबद्ध किया गया है। इन सूचीबद्ध अस्पतालों में ही मरीज अपना इलाज करा सकता है। इसके बाद उसके इलाज पर आए खर्च का भुगतान योजना के अंतर्गत सरकार करती है। योजना के अंतर्गत ज्यादातर डायलिसिस के मरीजों को लाभ मिला है। इसके अलावा स्त्री रोग, हृदय रोग संबंधी बीमारी, ट्रॉमा, ऑपरेशन और इमरजेंसी के मरीज भी लाभान्वित हुए हैं।
शहर में हैं 23 हजार लाभार्थी
आयुष्मान योजना के अंतर्गत शहर में 23000 लाभार्थी चयनित किए गए हैं। उनमें से आधे से ज्यादा का पंजीकरण करके उन्हें इस सुविधा से जोड़ा जा चुका है। चिन्हित लाभार्थियों में से कुछ के कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं, क्योंकि कोविड में संक्रमण के डर से शिविर लगाना बंद कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में लगभग 6000 ऐसे लाभार्थी अभी बचे हुए हैं जिनका कार्ड उन्हें नहीं मिल पाया है। उनसे मैसेज के जरिए संपर्क किया जा रहा है जिससे वह अपनी सुविधा के अनुसार अस्पताल के आयुष्मान काउंटर पर आकर अपना कार्ड बनवा सकें।