यूटी पुलिस की भगोड़ों की लिस्ट में भगोड़ी महिलाओं की संख्या हैरान करने के लिए काफी है। पीओ की लिस्ट में 200 नाम महिलाओं के भी हैं।
इनमें से लगभग 70 फीसदी महिलाएं छोटी बड़ी ठगी के मामलों में कोर्ट से पीओ घोषित हैं। यूटी पुलिस को उनकी तलाश है। इनमें से कुछ महिलाएं तो एक से अधिक मामलों में पीओ है।
महिलाओं पर ज्यादातर केस धोखाधड़ी के हैं। दूसरे नंबर पर चोरी के मामलों में वांछित हैं। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर महिलाएं दूसरे राज्यों की हैं। इस कारण उनको पकड़ पाना मुश्किल हो जाता है।
पीओ सेल से प्राप्त आंकड़ों केअनुसार इस समय कुल 3207 महिला आरोपी भगोड़े है। यूटी पुलिस और पीओ सेल पिछले साल तक 403 भगोड़ों को ही पकड़ पाने में कामयाब हुई है। इसमें से 151 यूटी पुलिस ने पकड़े है और 252 पीओ सेल ने दबोचे।
साल 2006 में पुलिस के पास सिर्फ 840 भगोड़ों की सूची थी। जो कि अब 3200 के ऊपर पहुंच गई है। इनमें तो कुछ ऐसे है जो पिछले 15 सालों से पीओ हैं पर पुलिस उनको पकड़ नहीं पाई है। ज्यादातर आरोपियों पर धोखाधड़ी , चेक बाउंस, चोरी केमामलें है। साथ ही कई ऐसे भगोड़ें है जो कोर्ट से पैरोल पर छूटे पर वापस जेल नही लौटे।
इसलिए कोर्ट ने उनको भगोड़ा घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि हर साल चार से पांच सौ के करीब पीओ कोर्ट से घोषित किए जाते है। इसी वजह से हर साल पीओ की लिस्ट बढ़ जाती है।
सतीश कुमार, पीओ सेल के इंचार्ज डीएसपी ने बताया कि पीओ को पकड़ने में सबसे बड़ी दिक्कत उनके दूसरे राज्यों के होने की वजह से आती है। पुलिस टीम वहां जाती है और फिर कई दिन ट्रैप लगाने के बाद खाली हाथ लौट आती है। जो बड़े मामलों में वांटेड होते हैं उनको प्राथमिकता केआधार पर पकड़ने की कोशिश की जाती है।