लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस समेत सभी पार्टियों के उम्मीदवार चुनाव प्रचार में कूद पड़े हैं, वहीं भाजपा अभी तक आपसी राजनीति में ही उलझी पड़ी है।
प्रत्याशी घोषित होने के बाद भाजपा का पहला दिन अपने ही उम्मीदवार के पुतले फूंकने और विरोध प्रदर्शन में चला गया। वहीं वरिष्ठ नेता और प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन खुद दिल्ली बैठकर पार्टी हाईकमान का मूड बदलने की कोशिशों में लगे हैं।
प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भी उनके पीछे-पीछे दिल्ली चले गए। इसका नतीजा यह हुआ कि अब पार्टी का ‘एक नोट कमल पर वोट’ अभियान भी ठंडा पड़ गया है।
भाजपा ने चंडीगढ़ सीट से बॉलीवुड अभिनेत्री किरण खेर को उम्मीदवार घोषित किया है। वह खुद 18 मार्च को शहर आएंगी और तब से उनके पास अपने प्रचार के लिए मात्र 20 दिनों का ही समय होगा। चंडीगढ़ में 10 अप्रैल को मतदान होना है और चुनाव प्रचार 48 घंटे पहले बंद हो जाएगा।
पिछली बार मिले 4 महीने, अब 4 हफ्ते भी नहीं
वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को हार जरूर मिली थी, लेकिन उनकी तैयारियां काफी पहले से शुरू हो गई थी। तब भाजपा ने चुनाव से 4 महीने पहले 19 जनवरी,2009 को सत्यपाल जैन को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। चुनाव 12 मई, 2009 को हुए थे।