मौसम के यू-टर्न ने एक बार फिर लोगों में स्वाइन फ्लू की दहशत बढ़ा दी है, क्योंकि सर्दी में स्वाइन फ्लू कावायरस तेजी से फैलता है। सेक्टर-26 के दो साल के बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बच्चा पीजीआई में दाखिल है।
बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आसपास के लोगों को भी मेडिसिन मुहैया करवा दी है और लोगों को विभाग द्वारा बचाव के उपाय भी बताए गए हैं। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 13 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि स्वाइन फ्लू से तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
चार साल का बच्चा भी एडमिट
सेक्टर-20 के चार साल के बच्चे को भी सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बच्चे की मां ने बताया कि उसे दो तीन दिन से तेज बुखार है और खांसी की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ रही है। बच्चे का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन कोई सुधार न होने पर उसे यहां लाया गया।
डॉक्टरों की राय
-लोगों से हाथ न मिलाएं।
-पौष्टिक आहार का सेवन करें (हाई प्रोटीन युक्त डाइट), चावल के बजाए गेहूं, अंडा।
-स्वाइन फ्लू के मरीज को हवादार और धूप वाली जगह बैठना चाहिए।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
बुखार, कफ, गले में खराश, डायरिया, उल्टी व सांस लेने में कठिनाई।
लक्षण दिखें तो क्या करें।
खांसते और छींकते समय अपने मुंह एवं नाक को रूमाल से ढकें।
-नाक, कान अथवा मुंह को छूने से पहले व बाद में अपने हाथ को साबुन से बार-बार धोएं।
-अच्छी नींद ले, शारीरिक रुप से सक्रिय रहें और तनाव को प्रभावित तरीके से संभालें।
-सादा पानी पीएं व पौष्टिक खाना खाएं।
क्या न करें
हाथ न मिलाएं, गले न लगें।
डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
खुले में न थूकें।