कांग्रेस के पूर्व मंत्री ईशर सिंह मेहरबान पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल की मौजूदगी में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में शामिल हो गए हैं। इस मौके पीपीपी के भी कुछ लोग शिअद में शामिल हुए।
कांग्रेसियों को पार्टी में लाने केसवाल पर सुखबीर ने कहा कि वह सिर्फ हीरे ही चुन कर ला रहे हैं। इससे पार्टी कैडर पर असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वह पहले स्थानीय नेताओं से सलाह करते हैं।
मेहरबान के लिए भी शरनजीत ढिल्लों और एसआर कलेर ने हामी भरी थी। अमृतसर से सिद्धू की जगह जेतली को टिकट देने के सवाल पर सुखबीर ने कहा कि यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। पर जेतली आने वाली सरकार में अहम भूमिका में होंगे, जिसका फायदा पंजाब को मिलेगा।
मेहरबान ने इस मौके पर कहा कि कांग्रेस में कोई सुनवाई नहीं है। प्रताप सिंह बाजवा के प्रधान बनने के बाद वर्कर लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं क्योंकि उनकी नीतियां ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि बाजवा की तानाशाही के कारण ही उन्होंने कांग्रेस छोड़ी है। मेहरबान 2012 में जगरांव में करीब 300 वोटों के मामूली अंतर से हारे थे। कांग्रेस में फिलहाल वह जगरांव के हलका इंचार्ज थे।
मेहरबान के शिअद ज्वाइन करने के बाद सुखबीर ने गांव पडियाला में आयोजित एक समागम के दौरान राजबीर पडियाला को भी अपनी पार्टी में शामिल किया। पडियाला का परिवार टकसाली अकाली रहा है।
उनके पिता स्व. बचित्तर सिंह पडियाला और मां विधायक रह चुके हैं। कुछ साल पहले पडियाला शिअद छोड़ कर कांग्रेस में चले गए थे। खरड़ हलके में उनकेपरिवार का अच्छा आधार है।