चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में पेड़ गिरने से हुए हादसे को 17 दिन बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन यह नहीं तय कर पाया है कि किसकी लापरवाही से 10वीं का छात्रा हीराक्षी को जान गंवानी पड़ी है। हादसे के दिन तत्परता दिखाते हुए प्रशासन ने मैजिस्टिीरियल जांच शुरू की थी। एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही उसे बंद कर दिया गया। अब सेवानिवृत्त जज मामले की जांच कर रहे हैं। गलती किसकी थी, ये सवाल अभी भी बरकरार है।
स्कूल में पेड़ गिरने की घटना को ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। हादसे से सबक लेते हुए इंजीनियरिंग विभाग ने कई पेड़ों की प्रूनिंग और कटाई की है लेकिन अभी भी शहर में कई पेड़ लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। लगातार प्रशासन और नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विभाग के पास पेड़ों की प्रूनिंग को लेकर शिकायतें आ रही हैं। लोग प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को सूखे एवं मृत पेड़ों की फोटो भेज रहे हैं और उन्हें जल्द कटवाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने ऑनलाइन व्यवस्था तो की है, लेकिन शिकायत देने के बाद बिना कार्रवाई किए शिकायत को बंद कर दिया जा रहा है।
पेड़ गिरने की घटना की जांच रिटायर्ड जज कर रहे हैं इसलिए मैजिस्टिीरियल जांच को बंद कर दिया गया था। रिटायर्ड जज की रिपोर्ट के आने के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक