चंडीगढ़। सेंट सौपिन्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के 168 परिजनों ने मंगलवार को स्कूल के खिलाफ संयुक्त रूप से फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी को अपनी शिकायत दी। इसके बाद परिजनों ने स्कूल के बाहर एकत्रित होकर स्कूल की तरफ से की जा रही मनमानी का विरोध जाहिर किया।
परिजनों ने शिकायत में लिखा कि प्रशासन के आदेशों के बावजूद स्कूल आठ प्रतिशत फीस बढ़ाकर ले रहा है। इसके साथ ही रखरखाव फीस, कंप्यूटर फीस और एनुअल फीस के रुपये भी वसूले जा रहे हैं। स्कूल ने अपनी बैलेंस शीट भी अपलोड नहीं की है। इसके अलावा स्कूल प्राइवेट पब्लिशर की किताबें और नोटबुक स्कूल के अंदर ही बेचते हैं और परिजनों को स्कूल के अंदर से ही महंगी किताबें लेने के लिए मजबूर किया जाता है। यह सीबीएसई के आदेशों का उल्लंघन है, जबकि नियमों के अनुसार एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाना अनिवार्य है। शिक्षा निदेशक बराड़ ने बताया कि अगले सोमवार को फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी की मीटिंग होगी। उसमें परिजनों की ओर से दी गई शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।
कमेटी में हैं ये सात सदस्य
इस कमेटी के कुल सात सदस्य हैं जो मिलकर परिजनों की शिकायत पर फैसला लेते हैं। इन सात सदस्यों में एजुकेशन सेक्रेटरी बतौर चेयरपर्सन, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन बतौर मेंबर सेेक्रेटरी, डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन बतौर मेंबर, डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर बतौर मेंबर शामिल हैं। इसके अलावा तीन नामित सदस्य असिस्टेंट कंट्रोलर एफएंडए सीमा शर्मा, पूर्व डायरेक्टर एनसीईआरटी प्रोफेसर किशन कुमार और पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर शिव कुमार शर्मा शामिल हैं।
रेगुलेटरी अथॉरिटी में ऐसे शिकायत करें परिजन
शिकायतकर्ता को शिकायत पत्र के साथ सेल्फ अटेस्टेड एफिडेविट अपने नाम और पते के साथ संलग्न करना होता है। हर शिकायत की 15 दिनों के अंदर रेगुलेटरी कमेटी की ओर से जांच की जाती है। शिकायतकर्ता अपनी शिकायत फीस रेगुलेटरी कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी रूबिंदरजीत सिंह बराड़ को दे सकते हैं।