हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पंजाब के मैदानी इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ पंजाब सरकार प्रदेश में बचाव और राहत कार्यों में जुटी है, वहीं बुधवार को भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) ने सूचना दी है कि 13 जुलाई को भाखड़ा डैम से और 16000 क्यूसेक पानी सतलुज में छोड़ा जाएगा, जिसके लिए नंगल डैम के दरवाजे भी खोलने पड़ेंगे। जाहिर है, बीबीएमबी के इस कदम से पंजाब में बाढ़ के हालात और खराब हो सकते हैं।
सतलुज नदी और इससे जुड़ी नहरों में जल स्तर और अधिक बढ़ेगा, जिससे नदी व नहरों के किनारों के इलाकों में जलभराव की समस्या और विकट हो जाएगी। बीबीएमबी ने पंजाब सरकार के संबंधित अधिकारियों को भेजे एक संदेश में कहा है कि भाखड़ा डैम में जलस्तर बढ़ने के कारण नंगल डैम में पानी छोड़ना जरूरी हो गया है। इस तरह नंगल डैम में जलस्तर बढ़ने के कारण 13 जुलाई को नंगल डैम के गेट भी खोलने पड़ेंगे।
बीबीएमबी की तरफ से संदेश में कहा गया है कि भाखड़ा डैम से इस समय 19000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है लेकिन डैम में लगातार आ रहे पानी को देखते हुए 16000 क्यूसेक से अधिक पानी और छोड़ने का फैसला किया गया है। बीबीएमबी के अनुसार 13 जुलाई को टरबाइन के जरिये भाखड़ा डैम से 10 घंटे में कुल 35000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे सतलुज नदी में नंगल डैम से नीचे की ओर पानी छोड़ना जरूरी हो जाएगा और लगभग 20000 क्यूसेक पानी नंगल डैम से छोड़ा जाएगा।
पौंग बांध में पानी अभी भी सीमा से 30 फुट कम
बीबीएमबी जल विनियम प्रबंधन के वरिष्ठ इंजीनियर विनय कुमार ने बताया कि 12 जुलाई 2023 को सुबह 10 बजे पौंग बांध का जलस्तर 1364.24 फीट दर्ज किया गया। पानी की आवक 55557 क्यूसेक है। पौंग पावर हाउस के टरबाइनों के माध्यम से 18324 क्यूसेक पानी को शाह नहर बैराज मे छोड़ा जा रहा है। पिछले वर्षो के दौरान पौंग बांध में 1395.00 फुट तक ही पानी को स्टोर किया जाता रहा है। अभी तक यहां तक पहुंचने में 30.76 फुट पानी कम है।