चंडीगढ़ से कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। शहर में सक्रिय 154 मरीजों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। आईसीयू में भर्ती कोरोना संक्रमित 35 मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर है। ये सभी वेंटिलेटर पर हैं। वहीं अन्य मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई पर रखा गया है। इन आंकड़ों से एक बात तो साफ जाहिर हो रही है कि भले ही संक्रमण की दर धीमी पड़ गई हो, लेकिन खतरा बरकरार है, क्योंकि एक्टिव केस में शामिल सभी मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों से संक्रमण से बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन करने की अपील कर रहा है।
तीन अस्पतालों में ये है मरीजों की स्थिति
कोरोना के 154 एक्टिव केस में से 88 मरीज पीजीआई में भर्ती हैं, जिनमें से 65 को ऑक्सीजन सप्लाई पर रखा गया है। वहीं 23 वेंटिलेटर पर हैं। जीएमसीएच-32 में 13 मरीज ऑक्सीजन सप्लाई पर व 4 वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। वहीं, जीएमएसएच 16 में 41 मरीज ऑक्सीजन सप्लाई पर और 8 मरीज वेंटिलेटर पर रखे गए हैं।
संक्रमण दर 0.51 फीसदी
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहर में कोरोना वायरस संक्रमण दर 0.51 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पिछले सात दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या 0.98 प्रतिशत रही है। मौजूदा समय में शहर में एक्टिव केस की संख्या 154 है। वहीं अब तक 61670 लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 808 मरीजों की मौत हो चुकी है। 60708 मरीज कोरोना पर जीत दर्ज कर चुके हैं।
संक्रमण दर का कम होना इस बात की ओर संकेत कर रहा है कि हमें अभी ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि जरा सी चूक एक बार फिर हमें गंभीर स्थिति में पहुंचा सकती है। इसलिए कोरोना संक्रमण से बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन करें और जल्द से जल्द टीका लगवाएं। -डॉ. अमनदीप कंग, निदेशक स्वास्थ्य