सरकार निक्करधारियों को पदों पर बैठाना चाहती है: दिग्विजय सिंह
प्रत्यक्ष चुनाव की मांग का लेकर विधान सभा घेराव के लिए निकले छात्र संगठनों को पुलिस ने रोका
- विरोध दर्ज कराने पर पुलिस ने हल्के बल के साथ छात्रों पर वाटर कैनन चलाया
- एनएसयूआई-इनसो-एसएफआई-जीबीएसएसओ आदि छात्र संगठनों के नेता रहे मौजूद
- एक मंच पर आकर, प्रत्यक्ष चुनाव की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति (एनएसयूआई-इनसो-एसएफआई-जीबीएसएसओ आदि) छात्र संगठन मंगलवार को विधानसभा का घेराव के लिए निकले। शालीमार चौक से हजारों की तादात में आंदोलन के लिए निकले छात्रों को पंचकूला-चंडीगढ़ बार्डर पर पुलिस ने रोक लिया। छात्रों के विरोध दर्ज कराने पर पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग कर छात्रों पर वाटर कैनन चलाया, लेकिन छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इस आंदोलन में एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा हजारों की संख्या में छात्रों के साथ पहुंचे तो वही, इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला व एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष शहनवाज भट्टी भी अपने संगठन के छात्रों को आंदोलन में लाए। इस दौरान इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय ने कहा कि सरकार निक्करधारियों को पदों पर बैठाना चाहती है, जो कतई मंजूर नहीं और सरकार को एकजुटता के आगे झुकना होगा और प्रत्यक्ष चुनाव करवाने होंगे।
विधानसभा घेराव का प्रस्ताव इनसो, एसएफआई और एनएसयूआई के आह्वान पर चंडीगढ़ में संयुक्त छात्र संगठनों की बैठक में हुआ था और सभी छात्र संगठनों ने प्रत्यक्ष सहमति जताते हुए मंच साझा किया था। गत दिनों एमएलए हॉस्टल में हुई बैठक में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव संघर्ष समिति का गठन भी किया गया था। एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अब राज्य सरकार के विरुद्ध सभी छात्र संगठन एक मंच से प्रत्यक्ष चुनाव कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं जिसका सबूत प्रत्यक्ष चुनावों के लिए सभी छात्र संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित विधानसभा घेराव ने दे दिया है।
एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि राजनैतिक मतभेदों और गतिरोधों के बावजूद छात्रों के हकों के लिए आवाज बुलंद करना ही प्रत्यक्ष छात्र संगठन का दायित्व बनता है। सरकार अप्रत्यक्ष चुनावों को प्रत्यक्ष व प्रत्यक्ष चुनावों को अप्रत्यक्ष तौर पर करवा रही है। मेयर के अप्रत्यक्ष चुनाव की प्रणाली को बदल कर प्रत्यक्ष कर दिया तो छात्र संघ चुनाव जो कि प्रत्यक्ष होने चाहिए उन्हें अप्रत्यक्ष कर दिया। यदि सरकार ने जल्द प्रत्यक्ष चुनाव कराने के लिए आदेश जारी नहीं किए तो एक बड़ा क्रांतिकारी आंदोलन किया जाएगा। बुद्धिराजा ने कहा कि एबीवीपी को इस प्रदर्शन में आने के लिए निमंत्रण दिया था, शायद सरकार के दबाव के चलते वे नहीं आ।
ज्ञापन सौंपने के बाद इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि ज्वाइंट कमेटी का प्रत्यक्ष चुनाव को लेकर प्रोटेस्ट हुआ, जिसमें सभी छात्र संगठन एकजुट नजर आए। दिग्विजय ने कहा कि एबीवीपी उन लोगों का संगठन है जो नागपुर संघ कार्यालय के आर्डर पर चलता है और एबीवीपी को हरियाणा के हितों से कोई वास्ता नहीं। साथ ही दिग्विजय ने एबीवीपी को मोलिस्ट लोगों का संगठन करार दिया।
प्रत्यक्ष चुनाव छात्र संघर्ष समिति के संयोजक व एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष शहनवाज भट्टी ने कहा कि 13 सितम्बर-14 सितम्बर 2018 को बैठक करके क्रांतिकारी फैसला लिया जाएगा। छात्र नेताओं ने कहा कि हरियाणा में करीब 22 साल बाद होने वाले छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष तौर पर नहीं कराए जा रहे हैं, इसलिए सभी छात्र संगठनों ने एक प्रदेशव्यापी आंदोलन खड़ा कर विधानसभा का घेराव किया है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन से पहले प्रदेश स्तर पर सभी विश्वविद्यालयों में सभी छात्र संगठनों की ओर से प्रत्यक्ष चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सांझा ज्ञापन वाइस चांसलर्स को सौंपा गया था। साथ ही अब भी मांग नहीं मानी गई तो वह यह संघर्ष जारी रखेंगे।
आंदोलन में हिस्सा लेने वालों में मुख्य तौर पर इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला, एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा, एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष से शहनवाज, एनएसयूआई से प्रताप, शुभम, हरजीत, हरदीप, मोहित, इनसो से अनिल धूल, जसविंदर खैरा, एसएफआई से शहनवाज, सुमित, जीबीएसओ से सुमित व दिशा छात्र संगठन से इंदरजीत सिंह, आसिफ, प्रिंस आदि मौजूद रहे।