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मानेसर जमीन घोटाला

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मानेसर जमीन घोटाला: पूर्व आईएएस और बिल्डरों को मिली जमानत
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- खराब सेहत के कारण पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को दी गई छूट
- एक मई को होगी मामले की अगली सुनवाई

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
मानेसर में 400 एकड़ जमीन के घोटाला मामले में वीरवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान पेश हुए तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों और बिल्डरों को जमानत दे दी गई। जबकि इस मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को खराब सेहत के कारण निजी पेशी से छूट दे दी गई। तीन अन्य आरोपियों को भी अदालत ने निजी तौर पर पेश होने से छूट दे दी। मामले की अगली सुनवाई एक मई को होगी।
मानेसर के तीन गांवों में किसानों को अधिग्रहण के नाम पर डराकर उनसे सस्ती दरों पर जमीनें खरीदकर बाद में बिल्डरों के साथ सांठगांठ कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया था। आरोपियों ने मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला के किसानों और जमीन मालिकों को आईएमटी के नाम पर जमीन अधिग्रहण का भय दिखाकर कुछ नेताओं के साथ मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की। अधिग्रहण का भय दिखाकर किसानों से जमीन लेने के लिए आरोपियों ने कुछ दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर भी किए थे। अगस्त 2014 में इस मामले का खुलासा होने के बाद सीबीआई ने सितंबर, 2015 में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और तत्कालीन आईएएस अधिकारियों समेत कुल 34 लोगों व रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने इसी साल फरवरी में इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को 19 अप्रैल को निजी तौर पर पेश होने के आदेश दिए थे।
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सात को मिली जमानत
पूर्व आईएएस एमएल तायल, एसएस ढिल्लो, छतर सिंह और पूर्व डीटीपी जसवंत सिंह, नवीन राय, अतुल बंसल और वीरेन्द्र को जमानत दे दी गई। निजी तौर पर पेश हुए आरोपियों को चालान की कॉपी भी सौंप दी गई। इसके लिए अदालत के बाहर एक कैंटर में चालान और संबंधित दस्तावेज लाए गए थे।

खराब सेहत की वजह से मिली हुड्डा को निजी पेशी से छूट
वकील एसपीएस परमार और अभिषेक राणा ने बताया कि भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की खराब सेहत होने की वजह से उनके लिए निजी पेशी से छूट मांगी गई थी। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया। उन्हें शुगर सहित पैर में फ्रैक्चर भी है, जिसका इलाज एम्स में चल रहा है। जिन तीन अन्य आरोपियों को निजी पेशी से छूट दी गई, उनमें गौरव चौधरी, रमेश और अनिल के नाम भी शामिल हैं।
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कैंटर से उतारकर सौंपी गई आरोपियों को चालान की कॉपी
मानेसर में हुए जमीन घोटाले के आरोपियों में अधिकारियों, पूर्व सीएम सहित अधिकतर बिल्डर आरोपी हैं। कैंटर से उतारकर चालान की कॉपी आरोपियों को सौंपी गई। इस मामले में जब चार्जशीट फाइल की गई थी, उस वक्त करीब चालान की कॉपी और इससे संबंधित दस्तावेजों के करीब 80 हजार पन्ने अलमारियों में अदालत तक लाए गए थे।
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