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15 साल की नंदिनी बेंगलुरु फुटबॉल क्लब में शामिल, पहले ही मैच में लगा दी हैट्रिक

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चंडीगढ़। शहर की बेटियां अब फुटबॉल में भी धाक जमाने लगी हैं। गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-22ए की फुटबॉल खिलाड़ी नंदिनी को बेंगलुरु फुटबॉल क्लब ने शामिल करते हुए अंडर-15 टीम का कप्तान बनाया है। नंदिनी ने भी इस निर्णय को सही साबित करते हुए पहले ही मैच में हैट्रिक लगा दी। बेटी की कामयाबी से परिवार में खासा उत्साह है। खास बात यह है कि क्लब ने पहली बार ही महिला टीम बनाई है और इसमें नंदिनी ने इतिहास रच दिया।
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क्लब इसी स्कूल की दो अन्य महिला खिलाड़ी साक्षी ठाकुर और खुशी यादव को जल्द ही टीम में शामिल करने जा रहा है। इन खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचाने में स्कूल के डीपीई और कोच भूपिंदर सिंह का खास योगदान है। वह तीनों खिलाड़ियों के फुटबॉल कोच हैं। सेक्टर-24 की रहने वाली 15 साल की नंदिनी अभी 10वीं में पढ़ती हैं। भूपिंदर सिंह स्कूल में कक्षाएं लगने के बाद वह विद्यार्थियों को फ्री ट्रेनिंग देते हैं। उन्होंने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन से डी लाइसेंस कोर्स भी किया हुआ है।
नंदिनी क्लब के निर्णय को सही साबित किया
नंदिनी ने अपने प्रदर्शन से क्लब के फैसले को सही साबित कर दिया है। वीरवार को बेंगलुरु फुटबॉल क्लब ने कर्नाटका वुमन अंडर- 15 फुटबॉल लीग में जीआरके गर्ल्स फुटबॉल क्लब को एकतरफा मुकाबले में 10-0 से हरा दिया। इस मैच में नंदिनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल दागकर हैट्रिक लगा दी। नंदिनी ने मैच के 22वें, 30वें और 34वें मिनट में गोल दागे।
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छोटी सी उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया
नंदिनी स्ट्राइकर के तौर पर फुटबॉल मैदान पर उतरती हैं। चंडीगढ़ फुटबॉल लीग अंडर-13 में वह बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं। उनके बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए क्लब ने अपने टीम में शामिल किया। वहीं, साक्षी ठाकुर और खुशी यादव स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्राएं हैं। इन दोनों खिलाड़ियों को क्लब अपने साथ शामिल करने जा रहा है। कम उम्र में शहर को नाम रोशन करने वाली महिला फुटबॉल खिलाड़ियों की प्रतिभा से स्कूल प्रिंसिपल राजीव कुमार काफी खुश हैं। वह उन्हें हमेशा स्पोर्ट करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
ऐसे हुई फुटबॉल की शुरुआत
नंदिनी के पिता विजय कुमार सेक्टर-17 स्थित उद्योग विभाग में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं। मां भारती घर का कामकाज देखती हैं। मां ने बताया कि उनका बड़ा बेटा पहले फुटबॉल खेलता था। भाई के साथ नंदिनी भी घर पर फुटबॉल खेलने लगी। उस समय वह सेक्टर- 23 के सरकारी स्कूल मे पढ़ती थी। किसी जानकार ने बताया कि सेक्टर- 22 के सरकारी स्कूल में खेलों को लेकर खिलाड़ी बेहतर कर रहे हैं। इसके बाद नंदिनी को छठी कक्षा में सेक्टर-22 के स्कूल में भर्ती कराया गया।
स्ट्राइक की भूमिका में नंदिनी ने किया कमाल
नंदिनी का कद उसकी उम्र की सामान्य लड़कियों से अधिक था। उसका कद 5 फुट 9 इंच है। कद को देखते हुए पहले उसे गोलकीपर बनाया। जिस तरह से वह मैैदान पर दोनों लातों से खेलती थी, उसको देखते हुए उसे मैदान पर स्ट्राइक की भूमिका में अभ्यास कराना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और फुटबॉल के मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए लगातार आगे बढ़ रही है। -भूपिंदर सिंह, डीपीई और कोच, सेक्टर-22ए स्कूल
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