हरियाणा में 15 से 18 साल के 15.40 लाख बच्चों को कोरोना रोधी टीका लगेगा। पहली जनवरी से पंजीकरण और तीन से टीकाकरण की शुरुआत होगी। बच्चों के टीकाकरण के लिए अलग स्थान होंगे। अग्रणी स्वास्थ्य कर्मियों और 60 साल से अधिक उम्र वालों को 10 जनवरी से बूस्टर डोज दी जाएगी। रोहतक की जिनोम सीक्वेंसिंग लैब को संचालित करने का प्रमाण पत्र मिल गया है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को कोविड को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को टीका लगवाने के लिए कोविन वेबसाइट या ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। बूस्टर डोज हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर के साथ ही सहरुग्णता वाले 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को दी जाएगी।
बच्चों को केवल कोवैक्सीन ही लगेगी। बच्चों और वयस्क व्यक्तियों के लिए टीकाकरण स्थल एक ही है तो बच्चों की लाइन अलग से बनाई जाएगी और स्टाफ भी अलग होगा। टीका लगने पर बच्चे निडर होकर स्कूल जा सकेंगे। विज ने कहा कि बच्चों के टीकाकरण के लिए समर्पित सत्र स्थलों की पहचान कर रहे हैं। इन स्थलों पर कोवैक्सिन का पर्याप्त स्टाक भेजा जाएगा।
बूस्टर डोज को दूसरी डोज की तारीख से 9 महीने यानि 39 सप्ताह पूरे होने के बाद लाभार्थियों को लगाएंगे। राज्य में हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर पांच लाख हैं। इनमें स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता लगभग 2.50 लाख और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता 2.50 लाख हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु के सहरुग्णता वाले लोगों की संख्या लगभग 5.78 लाख है। बूस्टर डोज का पंजीकरण और लगाने का समय कोविन ऐप के माध्यम से ही मिलेगा।
संक्रमण के जिनोम सीक्वेंसिंग का रोहतक में जल्द शुरू होगा काम
विज ने कहा कि रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में स्थापित लैब में जल्द संक्रमण के जिनोम की सीक्वेंसिंग का काम शुरू किया जाएगा। अब जिन लाभार्थियों को कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र में अपने पासपोर्ट का नंबर लिखवाना है, उन्हें टीकाकरण स्थल पर टीका लगने से पहले अपने पासपोर्ट का नंबर देना होगा। उसके बाद प्रमाण पत्र में पासपोर्ट का नंबर भी दिखाई देगा।