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अन्नदाता ऐसे परेशान होगा तो कैसे भर पाएगा का जनता का पेट

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सुबह से आठ बजे से इंतजार कराते हैं, खुद मर्जी से आते हैं
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मक्की के बीज के लिए बुजुर्ग महिलाएं गंदी नाली के पास कर रहीं पांच घंटे तक इंतजार
कृषि कार्यालय पर सुबह आठ बजे से जुटती है बुजुर्गों की भीड़
कृषि अधिकारी और कर्मचारी मर्जी से आते हैं कार्यालय
अन्नदाता पर कृषि अफसरों का ये कैसा जुल्म
डीके चौहान
पिंजौर।
पहले घंटों लाइन में लगकर मक्की का बीज लेने के लिए पर्ची बनवाओ, इसके बाद जर्जर हो रहे बीज के स्टोर पर हंगामे के बीच धक्कामुक्की सहो। यही नहीं गंदी नाली के पास बारी आने का घंटों इंतजार करते रहो। यह आलम जिले के सबसे खूबसूरत यादविंद्रा गार्डन के पास स्थित कृषि विभाग हरियाणा के कार्यालय का है। यहां पहुंचे किसानों का कहना है कि जिस जगह उनसे पांच घंटे से अधिक इंतजार कराया जा रहा है, वहां बदबू भरे माहौल में अफसर पांच मिनट नहीं रुक सकते। कार्यालय के सामने शहर से आ रही नाली गंदगी से अटी है। इस नाली से उठ रही बदबू से कोई भी साधारण व्यक्ति बीमार पड़ जाए। ग्रामीण मजबूरी में नाली के पास मुंह ढककर बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस पर भी अधिकारी किसानों से धैर्य रखने की सलाह देते नहीं थकते।

शुक्रवार को सुबह कृषि विभाग हरियाणा के कार्यालय पर पहुंचे किसानों और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बीज लेने के लिए लोगों का कार्यालय में तांता लगा है। लेकिन कार्यालय में बीज देेने के लिए सुबह से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं है। हालांकि वे सुबह करीब 8 से 9 बजे तक कार्यालय में पहुंच गए। लेकिन बीज मिलना सुबह 11 बजे भी शुरू नहीं हुआ। इस पर जब ग्रामीणों ने सड़क पर विरोध जताना शुरू कर दिया तो सड़क पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक बाधित हो गया। इसके बाद कर्मचारी कार्यालय पहुंचे और बीज देना शुरू किया।
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सीनियर सिटीजन के साथ ऐसा सलूक शर्मनाक
बीज लेने आई ग्रामीण महिला निर्मला इतना परेशान हो गईं कि उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे वह पहुंच गईं थीं। लेकिन एक बजे तक उन्हें बीज नहीं मिला। न ही यहां बैठने की व्यवस्था है। निर्मला ने बताया कि स्टोर से बीज लेने के लिए धक्का मुक्की हो रही है। बुजुर्गों का आदर तो दूर महिलाओं के लिए अलग से लाइन भी नहीं है। कृषि विभाग के अफसरों पर उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दो दिन हो गए खाली लौटते : तृप्ता
ग्रामीण महिला तृप्ता ने बताया कि वह दो दिन से कार्यालय में बीज लेने के लिए आ रही हैं। लेकिन अभी तक बीज नहीं मिला। यहां व्यवस्था नाम की चीज नहीं हैं। बीज वितरण का तरीका भी गलत है। इस कारण बूढे़ जवान सभी बिना लाइन के बीज लेने के लिए धक्का मुक्की कर रहे हैं।

बैलेंस बिगड़ा तो सीधे नाली में गिरेंगे
ग्रामीणों को बीज वितरण जिस कमरे से किया जा रहा है, वह इमारत पूरी तरह जर्जर है। यह कब गिर जाए, इसका कोई पता नहीं। इसलिए अनहोनी की आशंका रहती है। इसके अलावा कमरे से नीचे बाहर ढलान है। अगर भीड़ में से किसी का पैर फिसल जाए तो वह करीब 5 फुट नीचे बह रही नाली में गिर सकता है।

इस तरह निकल सकता है हल
हरियाणा कृषि विभाग की ओर से अन्नदाता को इस तरह परेशान करना किस हद तक सही है। यह तो अफसर ही बता सकते हैं। स्थानीय प्रशासन और नेता कसानों की सुविधा के लिए पहल क्यों नहीं करते। लोगों ने कहा कि ग्राम पंचायत या गांव में कार्यरत सोसाइटी से बीज का वितरण किया जाए तो कई किलोमीटर दूर शहर में स्थित कार्यालय में उन्हें आने से छुटकारा मिलेगा।
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बीज की कमी नहीं है : अहलावत
एक दिन पहले ही ट्रांसफर हो कर शहर में आए कृषि विभाग के एसडीओ डॉक्टर जितेंद्र अहलावत से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि विभाग के पास बीज की कमी नहीं है। पंचकूला में एक क्विंटल बीज वितरण करने के लिए आया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धैर्य रखें, सभी को बीज उपलब्ध कराएंगे। किसानों को खाली हाथ लौटाए जाने पर उन्होंने कहा वह ऐसा व्यवस्था कर रहे हैं कि कोई भी किसान खाली न लौटे।
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