4424 लोगों ने 155 राहत कैंपों में ले रखी है शरण
अब तक 26672 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायाअमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पूरी सरकारी मशीनरी को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में उतारा गया है। अब तक 26672 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
प्रवक्ता ने वीरवार को बताया कि 20 जुलाई को सुबह 8 बजे तक राज्य के 1441 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य में कुल 155 राहत कैंप चल रहे हैं, जिन में 4424 लोग रह रहे हैं। इस समय पर तरन तारन, फ़िरोज़पुर, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, होशियारपुर, रूपनगर, कपूरथला, पटियाला, मोगा, लुधियाना, एसएएस नगर, जालंधर, संगरूर, एसबीएस नगर, फाजिल्का, गुरदासपुर, मानसा, बठिंडा और पठानकोट समेत 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राजस्व विभाग की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बाढ़ के कारण कुल 38 लोगों की जानें जा चुकी हैं।
पशु पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य में कुल 2554 पशुओं का इलाज किया गया है। विभाग की बचाव टीमें जरूरतमंद पशुओं का इलाज, फीड सप्लाई, चारा और सिलेज मुहैया करवाने के लिए दिन- रात काम कर रही हैं। प्रभावित जिलों में विशेष बाढ़ राहत कैंप भी लगाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, सेहत विभाग की 434 रैपिड रिस्पांस टीमें (आरआरटी) बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। सेहत विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 247 मैडीकल कैंप लगाए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सूखे भोजन के पैकेट लगातार बांटे जा रहे हैं। अब तक रूपनगर में 22,871, पटियाला में 64000 पैक्ट, एसएएस नगर में 4600, एसबीएस नगर में 5700 और फतेहगढ़ साहिब में 2200 सूखे भोजन के पैकेट बाँटे गए हैं।