बीए प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की कोर्ट ने तीन माह के अंदर ही फैसला सुना दिया है। मामले में दोषी ठहराये गए राजस्थान के अलवर जिला के गांव गुनसार निवासी महेश कुमार को कोर्ट ने 14 साल की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया गया है। दुष्कर्म की इस घटना में पुलिस ने 16 दिन के अंदर ही दोषी को न केवल काबू किया बल्कि 28 दिन के अंदर कोर्ट में मुकदमा से जुड़े तमाम सबूत एकत्रित कर चालान भी पेश कर दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ही कोर्ट ने गुरुवार को दोषी को सजा सुनाई है। एसपी नाजनीन भसीन ने इस मामले में सदर थाना व सीआईए रेवाड़ी की टीम की प्रशंसा की है।
जानकारी के अनुसार 3 दिसंबर 2019 को बीए प्रथम वर्ष की एक छात्रा पेपर देने के लिए रेवाड़ी आ रही थी। इसी दौरान तुर्कियावास के पास बुढ़ाना चौक पर मीरपुर की तरफ से आ रहे अलवर के गांव गुनसार निवासी महेश कुमार ने लिफ्ट देकर छात्रा को अपनी बाइक पर बैठा लिया था और सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था।
महेश उसका मोबाइल भी अपने साथ ले गया था। अचानक हुई इस वारदात से छात्रा सदमे में आ गई थी। सदर थाना पुलिस ने उसी दिन दुष्कर्म व स्नैचिंग का मुकदमा दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू की थी। एसपी नाजनीन भसीन ने इस मामले में सदर थाना के अलावा सीआईए रेवाड़ी इंचार्ज विद्या सागर को कमान सौंपी थी।
पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए 19 दिसंबर को वारदात को अंजाम देने वाले महेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बहुत कम समय में महेश कुमार के खिलाफ तमाम सबूत एकत्रित किए और एक जनवरी 2020 को कोर्ट में इस मामले का चालान भी पेश कर दिया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की कोर्ट ने 3 मार्च को महेश को दोषी ठहराया था। गुरुवार को सजा की तारीख मुर्कर की गई थी। गुरुवार को न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने महेश कुमार को धारा 376 में 14 साल की सजा एवं 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 379ए में 7 साल की सजा एवं 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में महेश को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।