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शिक्षा : ऑफलाइन ही होगी 12वीं की परीक्षा, जहां विद्यार्थी पढ़ रहा, वहीं बनेगा सेंटर

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चंडीगढ़। सीबीएसई बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करवाने के लिए केंद्र सरकार ने दो दिनों में राज्यों से सुझाव मांगे थे। यूटी ने बारहवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए विकल्प दो को चुना है। इसके तहत विद्यार्थी जिस स्कूल में पढ़ता हैं, वहीं उसकी परीक्षा ली जाएगी। शिक्षा निदेशक रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि शहर में बारहवीं के 20 हजार विद्यार्थी हैं। इसके लिए बैठक में ही सहमति दे दी थी, अब लिखित में सुझाव देना बाकी है।
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शिक्षा निदेशक आरएस बराड़ ने बताया कि अभी सुझाव भेजने से पहले यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की सहमति आनी बाकी है। यूटी की तरफ से बुधवार को जवाब भेजा जाएगा। विद्यार्थियों के लिए उन्हीं के स्कूल में ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। अगर किसी विद्यार्थी को कोविड-19 या इसके लक्षण होते हैं, उसका घर कंटेनमेंट जोन में हैं तो ऐसे विद्यार्थियों की 15 दिन बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। विद्यार्थियों की चार मुख्य विषयों की ही परीक्षा ली जाएगी, इसमें तीन चुने हुए विषय और एक भाषा का विषय रहेगा।
हालातों को देखते हुए ऑनलाइन होनी चाहिए परीक्षा
वर्तमान हालातों को देखते हुए विद्यार्थियों की परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जानी चाहिए। इस समय विद्यार्थियों की जिंदगी बचाना ज्यादा जरूरी है। अभी भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं कि ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करवाई जा सके। - नितिन गोयल, अध्यक्ष , अभिभावक संघ
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कोट्स
विद्यार्थी अपने स्कूल में आसानी से दे सकेंगे परीक्षा
वर्तमान हालातों को देखते हुए विकल्प दो सही है। विद्यार्थी अपने स्कूल में परीक्षा देने के लिए आसानी से आ सकेगा। अभिभावकों के मन में भी डर कम होगा। इसके साथ ही खुद के स्कूल में परीक्षा आयोजित करवाना आसान रहेगा, इसके लिए ज्यादा व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। जब दूर किसी दूसरे स्कूल में परीक्षा देने जाने के लिए विद्यार्थी के लिए बहुत सारी सुरक्षित व्यवस्थाओं का इंतजाम करवाना पड़ेगा।
- अनुजा , प्राचार्या, डीएवी - 15
कोट्स
विकल्प दो व्यवहारिक है
विद्यार्ियों के लिए विकल्प दो व्यवहारिक है, क्योंकि ऑनलाइन परीक्षा हर क्षेत्र में आयोजित करवाना संभव नहीं है। इसके साथ ही विद्यार्थी अपने स्कूल में अधिक सुखद रहेगा, क्योंकि यह स्थान उसके जानने वाला होगा। लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि प्रश्न पत्र ई-मेल के जरिए भेजा जाएगा और स्कूल को अपने स्तर पर प्रिंट करवाकर सेट बनाने होंगे। सीबीएसई को हमेशा की तरह खुद पैकेट बनाकर परीक्षा केंद्र को देने चाहिए, क्योंकि स्कूलों के पास प्रिंटिंग के संसाधन और उचित टीम भी नहीं है। वहीं पेपर लीक होने की गुंजाइश भी ऐसे बढ़ जाएगी। - कविता दास, प्राचार्या, सेंट जोंस स्कूल
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