फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेड़ियों में वतन लौटे 123 भारतीय, विदेशी सपने भी टूटे, सुनाई दर्द भरी कहानी

Thu, 13 Aug 2020 03:54 AM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)

सार

  • अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए 123 युवाओं ने बताई ट्रेवल एजेंटों की करतूत    
  • अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड होने से दो घंटे पहले उतरी गई बेड़ियां व हथकड़ियां
विज्ञापन
वतन लौटे भारतीय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दो वर्ष पहले अंबाला के सरबजीत सिंह कनाडा रवाना के लिए दिल्ली हवाई अड्डे से जहाज में बैठा था, तो  वह आंखों में तैर रहे सपनों से अभिभूत था। कनाडा जाने के लिए ट्रेवल एजेंट को 40 लाख की राशि देने के लिए उसने ट्रैक्टर, गाड़ी व पत्नी व मां के गहने तक बेच दिए। उसने सोचा कि वह कनाडा में काम करके फिर से सब कुछ हासिल लेगा। लेकिन ट्रेवल एजेंट की धोखाधड़ी ने उसे कहीं का नहीं छोड़ा। बुधवार को वह टूटे सपनों समेत 122 अन्य भारतीयों के साथ अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा।  

विज्ञापन


 सरबजीत ने बताया ट्रेवल एजेंट ने कनाडा भेजने की बजाए पहले ग्रीस का वीजा दिया। फिर मैक्सिको का वीजा लगवा कर कहा की उसे वहां से कनाडा भेजा जाएगा। एजेंट के झांसे में आकर जब वह मैक्सिको पहुंचा तो हवाई अड्डे से एक डोंकर उसे कार में बैठा कर ले गया। उसे एक कमरे में रखा गया जहां पहले से ही कई लोग ठहरे हुए थे। डोंकर ने एक महीना इस कमरे में रखने के बाद उसे गाड़ी में बैठा कर मैक्सिको के साथ सटी अमेरिका की सीमा पर उतार दिया। 

डोंकर ने उसे अमेरिकी सीमा की तरफ भागने के लिए कहा। वह थोड़ी दूर तक ही भागा था की वहां खड़ी अमेरिका पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहां से उसे एक थाना में लेकर जाएगा। वहां एक छोटे से कमरे बंद कर दिया गया। कमरे में 90 लोगों को रखा गया था। आधे लोग सोते तो आधे जागते थे। यहां तीन वक्त एक-रोटी खाने को मिलती। एक महीने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने कैंपों में भेज दिया, जहां भी खाने को बहुत कम दिया जाता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

अमेरिका सरकार ने मंगलवार को ओमनी एयर लाइंस के जहाज से जब वापस भारत भेजा। जहाज में बैठे 123 लोगों को हथकड़ी व पैरों में जंजीर बांध दिए गए। अमृतसर एयरपोर्ट में लैंड करने से कुछ ही घंटे पहले उनके हाथों की हथकड़ियां व पांवों की बेड़ियां खोली गईं। यह  दास्तां केवल सरबजीत की नहीं है, अमेरिका से डिपोर्ट होकर श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे 123 भारतीयों की थी। एजेंटों के झांसे में आ कर लाखों रुपये गंवाने के बाद वतन लौटे इन लोगों की आंखों में आंसू थे। 

28 लाख गंवाकर विदेश का भूत उतरा
कपूरथला के जोगिंदर ने बताया वह 28 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका गया था। मुकेरियां के एक ट्रेवल एजेंट ने उसे ठग लिया है। ट्रेवल एजेंट के विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करवाने की बात करने वाले जोगिंदर के अनुसार इतनी बड़ी राशि से यहीं कारोबार करता तो सफल हो सकता था। विदेश जाने का भूत उसके सर पर इस कदर सवार था की उसने परिवार की बात नहीं सुनी। 28 लाख और दो वर्ष का समय गंवाने के बाद विदेश जाने का भूत उतर चुका है।  

एजेंट को बोलूंगा मेरे पैसे लौटा दे 
अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचने वाले सोनीपत के राघव ने कहा की अपने देश अपने ही होता है। एजेंट से बोलूंगा की मेरे पैसे लौटा दे। राघव ने बताया एजेंट को 30 लाख रुपये दिए थे। कई दिन तक भूखा रहने के साथ-साथ यह भी डर सताता रहा की मैक्सिको के जंगल पार करते समय कोई हादसा न हो जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें