किसी ने प्रस्ताव रखा कि इसका नाम एमएचए (मास्टर इन हॉस्पिटल एंड एडमिनिस्ट्रेशन) रखा जाए। आखिर में तय हुआ कि यह प्रस्ताव बोर्ड ऑफ स्टडीज में भेजा जाए। इस पर लंबी बहस होगी।
देशभर में चल रहे ऐसे कोर्स का तुलनात्मक अध्ययन एक कमेटी करेगी और उसके बाद इसे एकेडमिक काउंसिल में लाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान रजिस्ट्रार व किसी एक सीनेट सदस्य में किसी बात को लेकर बहस हुई। हालांकि, मामला कुछ देर में शांत हो गया।
60 सेशन रखने पर विवाद
साइंसेज की ओर से एक सेमेस्टर में 60 सेशन रखने को लेकर विवाद हो गया। कहा गया कि एक सेमेस्टर के लिए समय कम होता है और सेशन अधिक रख दिए। इस पर विचार किया जाना चाहिए। कंप्यूटर साइंस में 250 अंक के वायवा रखने पर भी आपत्तियां दायर की गईं।
सदस्यों ने कई अन्य विषयों पर भी आपत्तियां दायर कीं। इन सभी सवालों का जवाब लिखित रूप में तैयार किया जाएगा और उसमें सुधार किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। एमएससी फिजिक्स के सिलेबस में बदलाव करने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) में एमएससी बायोकेमिस्ट्री विषय को शामिल कर लिया गया। साइंस के विद्यार्थी इस कोर्स को पढ़ सकेंगे। मालूम हो सीबीसीएस सिस्टम के जरिये कोई भी विद्यार्थी अपनी पसंद के विषयों का चुनाव कर वह पढ़ाई कर सकता है। साइंस में यह लागू हो चुका है। आर्ट में लागू करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, इस पर चर्चा बैठक के दौरान हुई है।
इन कोर्सेज को मिली हरी झंडी
- सर्टिफिकेट इन वैदिक स्टडी
- सर्टिफिकेट कोर्स इन योगा
- एमबीए एंटरप्रेन्योर
- मास्टर इन होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग
- बीए ऑनर्स इन इंडियन क्लासिकल डांस
- एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशन
- मास्टर इन डिजास्टर मैनेजमेंट
- मास्टर जीओ इन इन्फोर्मेटिक
- एमएससी ऑनर्स स्कूल कंप्यूटर साइंस
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म