इन्हें किया कमेटी में शामिल
11 सदस्यीय कमेटी में सचिव कृषि राहुल तिवारी को सदस्य, चेयरमैन पंजाब राज्य किसान और कृषि श्रमिक आयोग डॉ. सुखपाल सिंह को संयोजक, वाइस चांसलर पीएयू लुधियाना डॉ. एसएस गोसल, वाइस चांसलर गुरु अंगद देव वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेस यूनिवर्सिटी लुधियाना डॉ. इंद्रजीत सिंह, अर्थशास्त्री डॉ. सुच्चा सिंह गिल, पूर्व वाइस चांसलर पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला डॉ. बीएस घुम्मण, पूर्व बागबानी निदेशक पंजाब डॉ. गुरकंवल सिंह, सलाहकार पंजाब जल नियंत्रण और विकास अथॉरिटी राजेश वशिष्ठ, पूर्व निदेशक कृषि पंजाब डॉ. बलविंदर सिंह सिद्धू, प्रधान पीएयू किसान क्लब अमरिंदर सिंह और चेयरमैन पनसीड महेंदर सिंह सिद्धू को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
नीति में इन बिंदुओं को किया जाएगा शामिल
कृषि मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार नई कृषि नीति, पंजाब के कुदरती स्रोतों जैसे कि जमीनी पानी, मिट्टी की सेहत और भौगोलिक स्थितियों को मुख्य रख कर तैयार की जा रही है। नई कृषि नीति में किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कृषि पैदावार में गुणवत्ता, निर्यात और कृषि विभिन्नता आदि पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंजाब का पाकिस्तान बॉर्डर के साथ लगता क्षेत्र पूरे विश्व में उच्च दर्जे की बासमती पैदा करने के लिए जाना जाता है। इस नई कृषि नीति में बासमती को परमल धान के विकल्प के तौर पर अपनाने और बासमती निर्यात को उत्साहित करने का प्रस्ताव भी शामिल किया जाएगा।
पंजाब को मिलेगा जहर मुक्त कृषि मॉडल
धालीवाल ने कहा कि पंजाब आज वातावरण और सेहत संकट से जूझ रहा है, जिसमें उपजाऊ भूमि अब गैर-उपजाऊ भूमि में बदल रही है। जमीनी पानी में जहर की मात्रा दिनों-दिन बढ़ रही है। इस परिदृश्य से बाहर निकलने और कुदरती कृषि के लिए नई नीति बनाने का वादा करते हुए धालीवाल ने कहा कि जल्दी ही पंजाब के किसानों को जहर मुक्त कृषि मॉडल दिया जाएगा।
बीज उत्पादन पोर्टल और एप लॉन्च
किसानों को ऑनलाइन सुविधा देते हुए कृषि मंत्री ने मंगलवार को बीज उत्पादन पोर्टल और एप जारी की। उन्होंने बताया कि यह देश की पहली ऐसी एप है, जिसके जरिये राज्य के किसान बीजों की उपलब्धता और किस्मों संबंधी ऑनलाइन जानकारी हासिल कर सकेंगे। इस एप का उद्देश्य पंजाब राज्य बीज प्रमाणिक संस्था को ऑनलाइन और कागज रहित बनाना और बीजों की सर्टिफिकेशन संबंधी सालाना कैलेंडर को लागू करना है। इस एप द्वारा क्यू आर कोड की मदद से बीज ट्रेकिंग, गुणवत्ता की प्रामाणिकता, बीजों की पैदावार, प्रमाणीकरण और सैंपलिंग संबंधी पूरी जानकारी हासिल हो सकेगी।