कांग्रेस की पार्षद गुरबक्श रावत की आप में शामिल होने का फोटो वायरल, भाजपा में मची खलबली
मेयर चुनाव से ठीक पहले मंगलवार सुबह कांग्रेस की पार्षद गुरबक्श रावत की आम आदमी पार्टी में शामिल होते हुए एक फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गई। इससे भाजपा में खलबली मच गया। इधर, सूचना कांग्रेस तक पहुंची तो हिमाचल से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने अपनी छह पार्षदों के साथ एक वीडियो जारी किया जिसमें कहा गया कि यह आम आदमी पार्टी की घटिया राजनीति है। हम फोटो का खंडन करते हैं।
कांग्रेस के पार्षद एकजुट हैं। एक तरफ सदन में निगम चुनाव की वोटिंग की तैयारी चल रही थी, दूसरी ओर एक फोटो ने पार्षदों की धड़कनें बढ़ा दीं। फोटो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कांग्रेस के सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा, चंडीगढ़ के प्रभारी कुलवंत सिंह सहित कांग्रेस पार्षद गुरबक्श रावत व उनके पति आप का फटका गले में डाले थे। आप के पदाधिकारी इस बात से अनभिज्ञता जताते रहे, वहीं भाजपा ने इस फोटो को फर्जी करार दिया। इस बीच कांग्रेस के वीडियो ने मामले को सुलझाया।
मेयर बनते ही कांग्रेस ने दी भाजपा को बधाई
भाजपा का मेयर बनते ही कांग्रेस ने अनूप गुप्ता को बधाई दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि इस साल नगर निगम शहर के निवासियों की कई गंभीर समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने में सफल रहेगा। लक्की ने सभी राजनीतिक दलों को चंडीगढ़ के हित में साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले नगर निगम के पिछले सात वर्षों के रिकॉर्ड के बारे में बात करने के लिए कुछ भी उल्लेखनीय नहीं है। फिर भी चंडीगढ़ कांग्रेस को उम्मीद है कि सबके सहयोग से शहर अपनी वृद्धि और विकास के मामले में इस साल नई गति प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता के जनादेश के अनुसार कांग्रेस के सभी पार्षद निगम में एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाते रहेंगे।
आप के प्रदेश अध्यक्ष बोले- कांग्रेस ने वोट का बहिष्कार कर की लोकतंत्र की हत्या
आप के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने कहा कि एक तरफ तो मतदाता को अपने अधिकार व कर्तव्य का पालन करते हुए वोट देने को प्रोत्साहित किया जाता है और दूसरी तरफ 70 सालों तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस व अकाली दल वोटों का बहिष्कार कर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। कांग्रेस के बहिष्कार का सीधा भाजपा को फायदा हुआ। प्रेम गर्ग ने कहा कि डिप्टी मेयर के चुनाव के समय एक वोट जिसमें मुहर लाइन पर लग गई और जिसे अवैध घोषित किया जाना चाहिए था लेकिन उस वोट को वैध घोषित कर दिया गया। अगर ऐसे ही गलती आम आदमी पार्टी द्वारा होती तो पक्का उस वोट को अवैध घोषित किया जाता।
वायरल होने वाले फोटो की कोई प्रमाणिकता नहीं है। इसकी कोई जिम्मेदारी लेगा तो हम कार्रवाई के बारे में सोचेंगे। सोशल मीडिया के लिए किसको जिम्मेदार ठहराएं। - गुरबक्श रावत, पार्षद, कांग्रेस।