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Chandigarh Mayor Poll: भाजपा के अनूप गुप्ता बने मेयर, AAP के जसबीर लाड्डी को एक वोट से हराया

Tue, 17 Jan 2023 04:39 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ नगर निगम पर पूरी तरह भाजपा का कब्जा हो गया है। मेयर पद के बाद सीनियर डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के कंवरजीत राणा और डिप्टी मेयर पद पर हरजीत सिंह ने जीत हासिल की है। 
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भाजपा के अनूप गुप्ता बने चंडीगढ़ के मेयर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेयर चुनाव में सांसद किरण खेर का वोट भाजपा के लिए जीत की संजीवनी और आम आदमी पार्टी के हार का कारण बना। तीनों पदों पर आप के प्रत्याशी एक वोट से हार गए। कांग्रेस व शिरोमणि अकाली दल के मतदान में हिस्सा नहीं लेने से भाजपा और आप के पास 14-14 पार्षदों के वोट थे लेकिन सांसद किरण खेर के वोट से पूरी तस्वीर बदल गई और भाजपा ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों सीटों पर कब्जा जमा लिया।

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सुबह 11:40 बजे पीठासीन अधिकारी अमित जिंदल ने मेयर चुनाव की घोषणा की। इसके लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया। सबसे पहले सांसद ने वोट डाला। इसके बाद पार्षदों ने वार्ड वार मतदान किया। सांसद ने मतपत्र पेटी में डालते ही जय श्रीराम का उद्घोष किया। उनके बाद वोट डालने पहुंचीं वार्ड नंबर एक से आप पार्षद जसबिंदर कौर ने मतपेटी में अपना वोट डालते ही जो बोले सो निहाल का नारा लगाया। वोट डालते हुए दोनों ही पार्टियों के पार्षदों का उत्साह देखते बन रहा था। तय समय एक घंटे से भी ज्यादा समय तक मतदान चलता रहा। चुनाव में कांग्रेस और अकाली दल को मिलाकर कुल 7 पार्षदों ने मतदान नहीं किया।

चुनाव के बीच दोनों पार्टियों के पार्षदों में कभी हंसी मजाक तो कभी मोबाइल को लेकर जाने के लिए हल्की नोकझोंक भी हुई। मतदान के दौरान ही आप को अपनी हार का अंदेशा हो गया था इसलिए आप के खेमे में मौजूद पार्षदों के चेहरों पर मायूसी छाने लगी थी। भाजपा की ओर से पार्षद सौरभ जोशी और आप की ओर से योगेश ढींगरा को वोटों की गिनती के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया। योगेश ढींगरा पार्टी की जीत के लिए पूरी कोशिश करते दिखे लेकिन 15 वोटों के साथ भाजपा की जीत तय हो गई। इस पर योगेश ढींगरा ने दोबारा मतगणना की मांग की लेकिन निराशा हाथ लगी।

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पहली बार डिप्टी मेयर से सीधे मेयर बने अनूप गुप्ता
अनूप गुप्ता किस्मत के भी धनी हैं। चंडीगढ़ नगर निगम के इतिहास में कोई डिप्टी मेयर अगले ही साल मेयर बना है। इससे पहले रविकांत शर्मा सीनियर डिप्टी मेयर के बाद लगातार दूसरी बार मेयर बने थे। अनूप गुप्ता को पिछले साल भी आप पार्षद के बाद 14 ही मत मिले थे लेकिन उसके बाद ड्रॉ में उनके नाम की पर्ची निकल आई थी। लोगों का कहना था कि यह किस्मत की ही बात है।

अनूप गुप्ता के पिता भी लड़े थे मेयर का चुनाव
अनूप गुप्ता के पिता राजेश गुप्ता वर्ष 2001 में पार्षद का चुनाव जीते थे। इस दौरान उनके अलावा ज्ञानचंद गुप्ता और कमला शर्मा ही भाजपा से जीते थे। वर्ष 2003 में उन्होंने भी मेयर पद के लिए पर्चा भरा था। तीन लोग होने के बावजूद मनोनीत पार्षदों को मिलाकर तब भी उनके पिता 9 वोट ले गए थे। आज अनूप गुप्ता मेयर बने तो उन्होंने अपने पिता की बातों को साझा किया।



 

 

मंगलवार का दिन भाजपा के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कार्यकाल में वृद्धि की गई है। दूसरी चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पदों पर भाजपा ने फिर जीत दर्ज की है। इससे चंडीगढ़ में विकास की गति को बढ़ावा मिलेगा और भाजपा के नेतृत्व वाली नगर निगम शहरवासियों के लिए भलाई के कार्य करेगी। - अरुण सूद, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा।



 


जीत पर भाजपा कार्यालय में मना जश्न, ढोल की थाप पर नाचे कार्यकर्ता
भाजपा ने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर जीत दर्ज करने के पर सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय में जश्न मनाया गया। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लड्डूओं से एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाया और ढोल की थाप पर नाचे। प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पदों पर भाजपा की ओर से दोबारा जीत दर्ज करने पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी व नए बने मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। नवनिर्वाचित मेयर अनूप गुप्ता ने पार्टी नेतृत्व व सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे पूरी मेहनत लगन व निष्ठा से शहर वासियों की सेवा करेंगे और पूर्व मेयरों की ओर से शुरू करवाए गए कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।




 

कांग्रेस की पार्षद गुरबक्श रावत की आप में शामिल होने का फोटो वायरल, भाजपा में मची खलबली
मेयर चुनाव से ठीक पहले मंगलवार सुबह कांग्रेस की पार्षद गुरबक्श रावत की आम आदमी पार्टी में शामिल होते हुए एक फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो गई। इससे भाजपा में खलबली मच गया। इधर, सूचना कांग्रेस तक पहुंची तो हिमाचल से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने अपनी छह पार्षदों के साथ एक वीडियो जारी किया जिसमें कहा गया कि यह आम आदमी पार्टी की घटिया राजनीति है। हम फोटो का खंडन करते हैं। 

कांग्रेस के पार्षद एकजुट हैं। एक तरफ सदन में निगम चुनाव की वोटिंग की तैयारी चल रही थी, दूसरी ओर एक फोटो ने पार्षदों की धड़कनें बढ़ा दीं। फोटो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कांग्रेस के सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा, चंडीगढ़ के प्रभारी कुलवंत सिंह सहित कांग्रेस पार्षद गुरबक्श रावत व उनके पति आप का फटका गले में डाले थे। आप के पदाधिकारी इस बात से अनभिज्ञता जताते रहे, वहीं भाजपा ने इस फोटो को फर्जी करार दिया। इस बीच कांग्रेस के वीडियो ने मामले को सुलझाया।

मेयर बनते ही कांग्रेस ने दी भाजपा को बधाई
भाजपा का मेयर बनते ही कांग्रेस ने अनूप गुप्ता को बधाई दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि इस साल नगर निगम शहर के निवासियों की कई गंभीर समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने में सफल रहेगा। लक्की ने सभी राजनीतिक दलों को चंडीगढ़ के हित में साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाले नगर निगम के पिछले सात वर्षों के रिकॉर्ड के बारे में बात करने के लिए कुछ भी उल्लेखनीय नहीं है। फिर भी चंडीगढ़ कांग्रेस को उम्मीद है कि सबके सहयोग से शहर अपनी वृद्धि और विकास के मामले में इस साल नई गति प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता के जनादेश के अनुसार कांग्रेस के सभी पार्षद निगम में एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाते रहेंगे।
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आप के प्रदेश अध्यक्ष बोले- कांग्रेस ने वोट का बहिष्कार कर की लोकतंत्र की हत्या
आप के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग ने कहा कि एक तरफ तो मतदाता को अपने अधिकार व कर्तव्य का पालन करते हुए वोट देने को प्रोत्साहित किया जाता है और दूसरी तरफ 70 सालों तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस व अकाली दल वोटों का बहिष्कार कर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। कांग्रेस के बहिष्कार का सीधा भाजपा को फायदा हुआ। प्रेम गर्ग ने कहा कि डिप्टी मेयर के चुनाव के समय एक वोट जिसमें मुहर लाइन पर लग गई और जिसे अवैध घोषित किया जाना चाहिए था लेकिन उस वोट को वैध घोषित कर दिया गया। अगर ऐसे ही गलती आम आदमी पार्टी द्वारा होती तो पक्का उस वोट को अवैध घोषित किया जाता।
 
वायरल होने वाले फोटो की कोई प्रमाणिकता नहीं है। इसकी कोई जिम्मेदारी लेगा तो हम कार्रवाई के बारे में सोचेंगे। सोशल मीडिया के लिए किसको जिम्मेदार ठहराएं। - गुरबक्श रावत, पार्षद, कांग्रेस।
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