चंडीगढ़। शहर में स्मार्ट कैमरे लगने के बाद पिछले डेढ़ माह से ट्रायल के तौर पर लोगों पर नजर रखी जा रही है। इस दौरान 10 हजार लोग यातायात नियमों को तोड़ते दिख रहे हैं। सबसे ज्यादा रेड लाइट जंप के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार फरवरी माह से चालान शुरू हो जाएंगे। वहीं, ट्रिब्यून चौक से किसान भवन चौक तक कैमरे लगने के बाद पहले दिन जितने लोगों ने नियमों को तोड़ा था, अगले दिन उसके आधे से भी कम लोग नियमों का उल्लंघन किया।
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को नगर निगम में बने अस्थायी कमांड कंट्रोल सेंटर में इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी)के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि 300 करोड़ की लागत से सेक्टर-17 मेंएक आईसीसीसी की बिल्डिंग होगी, जो साथ में बनी स्काडा और पुलिस की बिल्डिंग में बैठे कर्मचारियों को डाटा साझा करेगी। इसमें चौक के साथ ही शहर के प्रवेश द्वार, स्कूल, पार्क, पार्किंग में कैमरे लगे हैं, जो रात में भी निगरानी करेंगे। वारदात के बाद भागने वाली गाड़ी की लोकेशन के साथ ही जाम की समस्या को यह सिस्टम सुलझाएगा। इसके अलावा आपातकाल स्थिति में ग्रीन कॉरिडोर भी आसानी से बन सकेगा। इससे काम में पारदर्शिता आएगी और गलत तरीके से हुए चालान के मसले को सुलझाने में मदद मिलेगी।
लावारिस वस्तुओं के बारे में 10 मिनट बाद अलार्म बजाकर कंट्रोल सेंटर को सूचना मिलेगी। वहीं, ट्रैफिक के अनुसार अपने आप ही लाइटों का समय कम और ज्यादा हो सकेगा। लोगों के घरों में लगे कैमरों को भी इस सिस्टम से जोड़ा जा सकता है। डाटा सुरक्षित रखने केलिए स्मार्ट सिटी ने अपनी खुद की केबल डाली है। इसका डाटा दो साल तक सेव रखा जा सकेगा। वहीं, इसके डाटा खराब होने पर रिकवर होने की व्यवस्था है। इस दौरान पार्षदों के साथ आरडब्ल्यूए सदस्यों को भी पूरी योजना के बारे में जानकारी दी गई।