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Haryana: नियमों को ताक पर रखकर संचालित 10 खेल नर्सरियां बंद, खेल मंत्री ने ग्राउंड रिपोर्ट के बाद की कार्रवाई

Sat, 13 Jun 2026 09:56 AM IST
Naveen अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

राज्यमंत्री के अनुसार, विभागीय जांच और ग्राउंड रिपोर्ट में खेल नर्सरियों के संचालन में कई गंभीर कमियां और अनियमितताएं पाई गईं। खेल उपकरणों का अभाव मिला। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए आवश्यक आधुनिक और बुनियादी खेल सामग्री उपलब्ध नहीं थीं।
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खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कई जिलों में बगैर खेल संसाधनों, रखरखाव के अभाव के बीच संचालित 10 खेल नर्सरियों को बंद कर दिया गया है। यह खेल नर्सरियां नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रही थीं। खेल राज्य मंत्री ने मेवात, यमुनानगर, हिसार और भिवानी जिलों की खेल नर्सरियों की जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की है।

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खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कुछ दिनों पहले विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में खेल विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि सभी राजकीय स्कूलों और पंचायत के तहत आने वाली खेल नर्सरियों की एक विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करें। अधिकारियों ने धरातल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की और इसी आधार पर कार्रवाई की है। खेल मंत्री की ओर से जारी बयान के अनुसार नूंह के राजकीय माॅडल संस्कृति स्कूल की 3 नर्सरियां बंद की हैं।

यमुनानगर के शहीद परमिंद्र सिंह राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तेजली में साइकिलिंग की 1 नर्सरी पर यह कार्रवाई की है। हिसार के राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल (आर्य नगर ग्राम पंचायत) की बाक्सिंग की एक और हिसार के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल (गंगवा) की फुटबाल की 2 नर्सरियां भी बंद की हैं। इसी तरह से हिसार के मसूदपुर पंचायत में फुटबाल की 2 और भिवानी के जीएमएसएसएस की बाक्सिंग व वालीबाल की 1-1 नर्सरी को बंद किया गया है। मंत्री ने ओलंपिक-2036 का जिक्र करते हुए कहा कि भारत मेजबानी के लिए मेहनत कर रहा है। ऐसे में देश की झोली में कम से कम 36 मेडल आने चाहिए।
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यह खामियां पाईं गईं
राज्यमंत्री के अनुसार, विभागीय जांच और ग्राउंड रिपोर्ट में खेल नर्सरियों के संचालन में कई गंभीर कमियां और अनियमितताएं पाई गईं। खेल उपकरणों का अभाव मिला। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए आवश्यक आधुनिक और बुनियादी खेल सामग्री उपलब्ध नहीं थीं। खेल के मैदानों का रख-रखाव बेहद खराब था जिससे खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना हुआ था। रिकॉर्ड में दर्ज खिलाड़ियों की संख्या और मैदान पर उपस्थित खिलाड़ियों की वास्तविक संख्या में भारी विसंगतियां मिली हैं।

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