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विवाह अवैध तो विधवा का दर्जा नहीं: पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाली को नहीं मिल सकती फैमिली पेंशन

Sat, 13 Jun 2026 09:35 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

मेजर हरि सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पहली पत्नी मोहिंदर कौर और प्रिया के बीच सेवानिवृत्ति लाभों पर विवाद शुरू हुआ। दीवानी अदालत ने मोहिंदर कौर को वैध पत्नी माना था। हालांकि, अपीलीय अदालत ने प्रिया को कानूनी पत्नी मान लिया था।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने वाली महिला को मृत सरकारी कर्मचारी की फैमिली पेंशन का अधिकार नहीं मिल सकता। ऐसा विवाह कानूनन शून्य होता है और उससे कोई पेंशन संबंधी अधिकार पैदा नहीं होता।
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जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने मोहाली निवासी प्रिया की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के तहत दूसरी शादी तभी मान्य होती है जब वह कानूनन वैध हो। पहली पत्नी के जीवित रहते किया गया दूसरा विवाह शून्य माना जाता है।

मेजर हरि सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पहली पत्नी मोहिंदर कौर और प्रिया के बीच सेवानिवृत्ति लाभों पर विवाद शुरू हुआ। दीवानी अदालत ने मोहिंदर कौर को वैध पत्नी माना था। हालांकि, अपीलीय अदालत ने प्रिया को कानूनी पत्नी मान लिया था। इस फैसले को हाईकोर्ट ने पलटते हुए मोहिंदर कौर को ही वैध पत्नी घोषित किया। प्रिया ने सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की जो वर्ष 2006 में खारिज हो गई थी।

पेंशन का दावा और अदालत का रुख  

इसके बावजूद, प्रिया ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों के नियम 54(7) के तहत फैमिली पेंशन में हिस्सेदारी मांगी। उन्होंने खुद को सह-विधवा मानकर पेंशन का हिस्सा देने का तर्क दिया। हाईकोर्ट ने इस दलील को विस्तार से परखा। अदालत ने कहा कि नियम 54(7) का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है जिनका विवाह कानूनन वैध हो। विधवा शब्द का सामान्य और कानूनी अर्थ मृत व्यक्ति की वैध पत्नी से है।

वैधानिक अधिकार और पूर्व निर्णय  

खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवकों के लिए लागू नियम पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी पर रोक लगाते हैं। ऐसे विवाह से उत्पन्न संबंध राज्य के विरुद्ध कोई वैधानिक अधिकार नहीं बनाते। गुजारा भत्ते के मामले अलग हो सकते हैं लेकिन फैमिली पेंशन एक वैधानिक अधिकार है। इसे केवल नियमों के अनुरूप ही प्रदान किया जा सकता है। चूंकि मोहिंदर कौर ही मेजर हरि सिंह की वैध पत्नी थीं, यह पहले ही तय हो चुका था इसलिए प्रिया को फैमिली पेंशन का लाभ नहीं मिल सकता।
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