आबकारी विभाग ने बिना हॉलमार्क शराब सप्लाई करने वाली फैक्टरी के खिलाफ महज 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। इसके साथ सेक्टर-9डी स्थित बंद शराब ठेके से पान वाले के शराब बेचेने के मामले में लाइसेंसधारक के खिलाफ 25 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई की है।
नाम न छापने की शर्त पर एक जानकार ने बताया कि दोनों मामले आबकारी अधिनियम के तहत गंभीर अपराध हैं। इसके तहत जुर्माने की राशि एक करोड़ तक होने के साथ ही फैक्टरी का लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता था। इस तरह यह जुर्माना महज खानापूर्ति है।
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लॉकडाउन में 15 मई को मध्य मार्ग स्थित सेक्टर-9डी में बंद शराब ठेके से पान वाले की ओर से गोदाम से शराब की बिक्री की जा रही थी। आबकारी विभाग ने रंगे हाथों पान वाले को पकड़कर शराब ठेके को सील कर दिया था। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने सुनवाई कर महज 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं, इसके बाद 25 मई को इंडस्ट्रियल एरिया के फेज-1 स्थित एमएस एनवी डिस्टिलरीज एंड बेवरिज की बनी शराब को बिना हॉलमार्क के सप्लाई किया जा रहा था। इस मामले में विभाग ने महज 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया है।
इसी फैक्ट्री में बनी थी गुजरात सप्लाई की जाने वाली शराब
हैरानी की बात यह है कि दूध के टैंकर में चंडीगढ़ से गुजरात जाने वाली क्रेजी रोमियो ब्रांड की 440 पेटी शराब भी एनवी शराब फैक्ट्री में बनी थी। इसका खुलासा तब हुआ था, जब 10 मई को चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने दूध के टैंकर से सप्लाई की जाने वाली शराब को चालक के साथ पकड़ लिया। चालक ने भी यह माना था कि शराब को बिना हॉलमार्क, बिना परमिट और पास के गुजरात ले जाया जा रहा था।
दोनों मामलों में जो भी जुर्माना लगाया गया है, वह आबकारी नियमों के अनुसार है। इन मामलों में इससे ज्यादा जुर्माने की कार्रवाई नहीं की जा सकती। -राकेश पोपली, एडिशनल एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर, चंडीगढ़