संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। दिल्ली की तीस हजारी अदालत के आदेश पर शनिवार को लुधियाना सर्राफा बाजार में पुलिस की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई की गई। अदालत द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर शुभांकर, एडवोकेट शोभराज एवं गिन्नी की निगरानी में पुलिस ने रेड कर दो ज्वेलर्स के परिसरों से करीब दस किलो चांदी के गहने जब्त किए। ये गहने जैन पायल ब्रांड की मोहर लगाकर बेचा जा रहेे थे।
जैन पायल एक कॉपीराइट एवं ट्रेडमार्क एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत ब्रांड है। कंपनी की अनुमति के बिना कोई भी ज्वेलर इस नाम या लोगो का इस्तेमाल कर किसी भी प्रकार की चांदी के गहने नहीं बेच सकता। इसके बावजूद लंबे समय से पंजाब और उत्तर भारत के कई शहरों में जैन पायल के नाम से नकली चेन, ब्रेसलेट और अन्य गहने बेचे जा रहे थे। इससे पहले 16 अगस्त को अदालत के आदेश पर कंपनी की शिकायत पर खन्ना से 50 किलो और जालंधर से 30 किलो गहने जब्त किए गए थे। कंपनी की ओर से बताया गया कि एजेंटों की रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न स्थानों की पहचान कर ली गई है। आगामी दिनों में पंजाब समेत अन्य राज्यों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नकली जैन पायल बेचने वाले ज्वेलर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शनिवार की कार्रवाई में जब्त आभूषणों को सील कर अदालत में जमा करा दिया गया। इस दौरान थाना कोतवाली पुलिस की टीम भी मौजूद रही। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि असली जैन पायल की पहचान ग्राहकों तक सही तरीके से पहुंचाना जरूरी है, ताकि लोग नकली उत्पादों से बच सकें। अदालत की ओर से की जा रही लगातार कार्रवाई से नकली कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।