पंजाब इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी काउंसिल (पीआईएसी) ने राज्य में 10 औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। ये क्लस्टर राज्य में उन स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे, जहां जमीन पहले ही मौजूद है ताकि निवेश प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सके।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल की अगुवाई में हुई बैठक के दौरान लुधियाना के पार्कों और सड़कों की देखभाल की जिम्मेवारी लेने पर काउंसिल ने सहमति जता दी है।
काउंसिल के सदस्य राकेश भारती मित्तल ने कहा कि इस काम के लिए काउंसिल की ओर से पंजाब के औद्योगिक सलाहकार कमल ओसवाल कनवीनर होंगे। डिप्टी सीएम ने काउंसिल के सदस्यों से कहा कि एक कमेटी बनाकर ग्रीन लुधियाना के लिए पहली दिसंबर तक पूरा प्रस्ताव पेश करें।
सब कमेटी के चेयरमैन एसके मुंजाल ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि पंजाब को विशेष क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक बटाला, पठानकोट, अमृतसर, मत्तेवाड़ा (लुधियाना), सरहिंद और मोहाली में औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने के लिए जमीन मौजूद है।
मुंजाल ने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना के साथ साथ ईको सिस्टम बनाए रखने की ओर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
बैठक में बादल ने काउंसिल को बताया कि पंजाब सरकार आईटी, एग्रो प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, हैंड टूल्स, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा के क्षेत्र में क्लस्टर स्थापित करने की इच्छुक हैं।
मुंजाल ने राज्य सरकार की ओर से ब्यूरो आफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को नियुक्त करके निवेश प्रक्रिया को और सरल बनाने के निर्णय की सराहना की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास निवेश के लिए आवश्यक हर प्रकार की स्वीकृतियां देने का अधिकार होगा।