सीबीएसई के इंटर स्कूल स्पोर्ट्स एंड गेम्स से वूशू और कैरम आउट हो गए हैं। इनके स्थान पर अब बॉक्सिंग और कबड्डी का आयोजन किया जाएगा। इन खेलों में नेशनल लेवल तक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। सीबीएसई ने नए सत्र से स्पोर्ट्स एक्टिविटी को लेकर क्लस्टर, रीजन और आयु वर्गों में बड़ा बदलाव किया है।
सीबीएसई की ओर से वर्ष 2016-17 का शैक्षणिक कलेंडर जारी करने के साथ ही इंटर स्कूल स्पोर्ट्स एंड गेम्स का सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। इसमें कई बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं।
सीबीएसई के सेक्रेटरी जोसेफ इम्मानुएल की ओर से जारी सर्कुलर स्कूलों को प्राप्त हो चुका है। इसमें स्पोर्ट्स एंड गेम्स में बड़ा बदलाव करते हुए कैरम और वूशू को बाहर कर दिया गया है। कबड्डी और बॉक्सिंग को शामिल कर लिया गया है। ये गेम्स स्कूलों की ओर से अंडर-11, अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग में बालक-बालिका अलग-अलग श्रेणी में आयोजित किए जा सकते हैं।
क्लस्टर से लेकर रीजन तक में बदलाव
सीबीएसई ने इंटर स्कूल स्पोर्ट्स एंड गेम्स का सर्कुलर जारी करते हुए न सिर्फ दो खेल हटाकर दो नए खेल शामिल किए हैं, बल्कि जिलों के क्लस्टर में भी बदलाव कर दिया है। जोन की जगह रीजन बनाते हुए इसमें भी बदलाव किया है। सीबीएसई ने क्लस्टरों की संख्या बढ़ाकर अब 20 कर दी है, ये रहले 16 थे।
अब रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, अमरोहा समेत बरेली-मुरादाबाद मंडल के सभी शहरों समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जनपद भी क्लस्टर तीन के स्थान पर क्लस्टर-19 में शामिल कर दिया गया है। रामपुर-मुरादाबाद आदि जिलों का जोन इलाहाबाद न होकर अब देहरादून रीजन होगा।
ये जिले हुए क्लस्टर-19 में शामिल
र्स्पोटस
रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, बदायूं, जेपीनगर, संभल, बिजनौर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बुलंदशहर, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, शामली, मुजफ्फरनगर आदि जिलों के साथ उत्तराखंड के सभी जिले।
आयु वर्ग में भी बदलाव
सीबीएसई ने नए इंटर स्कूल स्पोर्ट्स एंड गेम्स का सर्कुलर में प्रतियोगिता आयोजन के लिए आयु वर्गों में भी बदलाव कर दिया है। अभी तक सीबीएसई में अंडर-14 और अंडर-19 दो आयु वर्ग में ही प्रतियोगिताएं होती थीं। अब अंडर-11, अंडर-14, अंडर-17 व अंडर-19 चार आयु वर्गों में प्रतियोगिताएं होंगी।
सीबीएसई ने नए इंटर स्कूल स्पोर्ट्स एंड गेम्स में कबड्डी और बाक्सिंग को शामिल कर वूशू और कैरम को बंद किया है। क्लस्टर, रीजन और आयु वर्ग में भी बदलाव किया है। सीबीएसई का सर्कुलर प्राप्त हो गया है। सर्कुलर में किए गए बदलाव सराहनीय हैं। चार आयु वर्ग होने से प्रतिभागी बच्चों की उम्र में अधिक अंतर नहीं होगा।
- विप्पलव भट्टाचार्य, स्पोर्ट्स टीचर